पूरे देश में कल यानी 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा का पावन पर्व शुरू होने जा रहा है। इन दोनों पर्वों के साथ ही हिंदू नववर्ष का भी शुभारंभ माना जाता है, जिससे वातावरण में उत्साह, उमंग और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो गया है।
चैत्र नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिरों में विशेष सजावट की गई है और भक्तों द्वारा कलश स्थापना की तैयारियां जोरों पर हैं। श्रद्धालु व्रत, भजन-कीर्तन और हवन के माध्यम से माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
वहीं, महाराष्ट्र और गोवा सहित कई राज्यों में गुड़ी पड़वा को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों के बाहर गुड़ी (ध्वज) स्थापित करते हैं, जो विजय, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। घरों की साफ-सफाई, रंगोली सजावट और पारंपरिक व्यंजनों की तैयारियों ने त्योहार की रौनक को और बढ़ा दिया है।
बाजारों में भी त्योहार की चमक साफ दिखाई दे रही है। पूजा सामग्री, फूल, मिठाइयों और सजावटी वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। व्यापारी वर्ग को भी इस अवसर पर अच्छी बिक्री की उम्मीद है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय नई शुरुआत, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मशुद्धि का प्रतीक है। लोग इस अवसर पर नए कार्यों की शुरुआत करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
प्रशासन द्वारा भी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में पर्व का आनंद उठा सकें।
देशभर में “जय माता दी” और “नववर्ष की शुभकामनाएं” के साथ लोग नए साल और नवरात्रि का स्वागत करने के लिए तैयार हैं।







