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एनर्जी ड्रिंक के खतरे से स्टूडेंट्स को किया आगाह, व्याख्याता स्पंदन पाराशर ने प्रेक्टिकली किया जागरूक

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बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा

जगदलपुर। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विज्ञान की व्याख्याता स्पंदन पाराशर ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए “कोल्ड ड्रिंक एवं ऊर्जा पेय के दुष्प्रभाव” विषय पर एक अत्यंत प्रभावशाली एवं जागरूकता आधारित कक्षा आयोजित की।
इस अवसर पर स्पंदन पाराशर ने विद्यार्थियों को प्रायोगिक तौर पर समझाया कि बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक केवल स्वाद और आकर्षण के लिए बनाए जाते हैं, जबकि इनके अंदर मौजूद अत्यधिक शक्कर, कैफीन एवं कृत्रिम रसायन शरीर को अंदर ही अंदर कमजोर करने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि एक साधारण सी बोतल में कई चम्मच चीनी होती है, जो धीरे-धीरे शरीर में मोटापा, दांतों की सड़न, पाचन तंत्र की गड़बड़ी तथा भविष्य में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। कैफीन की अधिक मात्रा बच्चों की नींद को प्रभावित करती है, जिससे एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन एवं मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्पंदन पाराशर ने यह भी बताया कि इन पेय पदार्थों की अम्लीय प्रकृति दांतों की ऊपरी परत को धीरे-धीरे नष्ट करती है और पेट में जलन एवं गैस जैसी समस्याओं को जन्म देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी अवगत कराया कि इन उत्पादों पर स्वयं “बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं” जैसे चेतावनी संदेश अंकित होते हैं, फिर भी जानकारी के अभाव में इनका सेवन किया जाता है, जो अत्यंत चिंताजनक है। कार्यक्रम के दौरान शुगर की वास्तविक मात्रा का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया गया, जिसे देखकर विद्यार्थी आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने इस प्रकार के पेय पदार्थों से दूरी बनाने का संकल्प लिया। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए स्पंदन पाराशर ने विशेष रूप से यह संदेश दिया कि प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेना एक गलत आदत है, जो धीरे धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। इसके स्थान पर प्राकृतिक एवं स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थों को अपनाना ही सही विकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नींबू पानी शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है,नारियल पानी प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट का स्रोत है, छाछ एवं लस्सी पाचन को मजबूत बनाते हैं, सादा पानी सबसे शुद्ध और सुरक्षित पेय है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए संकल्प लिया कि वे कोल्ड ड्रिंक एवं ऊर्जा पेय का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार तथा समाज में भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों द्वारा स्पंदन पाराशर के इस सराहनीय प्रयास की मुक्तकंठ से प्रशंसा की जा रही है। उनके द्वारा अपनाई गई सहज, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक शिक्षण पद्धति ने विद्यार्थियों के मन में गहरी छाप छोड़ी है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल शिक्षा को जीवन से जोड़ते हैं, बल्कि विद्यार्थियों को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

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