जांजगीर-चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जयसवाल
सक्ती। जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने अधिकारियों के कार्य विभाजन में आंशिक संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिसके तहत विभिन्न विभागों के कार्यों का पुनर्विन्यास कर अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए इस बदलाव का उद्देश्य शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन, कार्यों में पारदर्शिता तथा जनता को त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। आदेश के अनुसार, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच कार्यों का पुनः वितरण किया गया है, जिससे कार्यप्रणाली में गति और समन्वय बढ़ने की उम्मीद है।
संयुक्त कलेक्टर को मिली अहम जिम्मेदारी
जारी आदेश के तहत संयुक्त कलेक्टर अरुण कुमार सोम को उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रभारी अधिकारी चरित्र सत्यापन, जन समस्या निवारण शिविर, सार्वजनिक समारोहों की अनुमति, पेपर कटिंग, महिला थाना, नागरिकता, पासपोर्ट संबंधी कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी, विशेष पहचान पत्र, आधार फेस-ऑथेंटिकेशन, राज्य आपदा मोचन निधि तथा जिला अंत्यावसायी विभाग के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही उन्हें रेशम विभाग, विद्युत मंडल, खाद्य एवं औषधि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा मार्कफेड को-ऑपरेटिव मंडी से संबंधित कार्यों का दायित्व भी सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, समय-समय पर कलेक्टर द्वारा सौंपे जाने वाले अन्य प्रशासनिक कार्यों का निर्वहन भी वे करेंगे।
डिप्टी कलेक्टर को भी सौंपी गई नई जिम्मेदारी
डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती सुश्री कावेरी मकवाना को डीएमएफ शाखा तथा सीएसआर शाखा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। साथ ही, उन्हें भी अन्य प्रशासनिक कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, जो समय-समय पर कलेक्टर द्वारा निर्धारित किए जाएंगे।
प्रशासनिक व्यवस्था में आएगी मजबूती
कलेक्टर द्वारा किए गए इस फेरबदल को प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और आम जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ मिल सकेगा।
जनता को मिलेगा त्वरित लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के कार्य विभाजन से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आएगी और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। प्रशासन की इस पहल से जिले में सुशासन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।







