महासमुंद संवाददाता – अब्दुल रफ़ीक खान
कोमाखान। पवित्र माह-ए-रमजान के 30 मुकद्दस रोजों की इबादत के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार क्षेत्र में पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया गया। स्थानीय ईदगाह में सुन्नी मुस्लिम जमात के लोगों ने विशेष नमाज अदा की और देश में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली के लिए हजारों हाथ दुआ के लिए उठे।

खिदमत की मिसाल बने अरशद
इस वर्ष रमजान के दौरान अरशद की सेवा भावना विशेष रूप से चर्चा में रही। उन्होंने पूरे 30 दिनों तक मस्जिद में रहकर दिन-रात खिदमत की। रोजेदारों की सुविधा, इफ्तार की व्यवस्था और मस्जिद की देखरेख में उन्होंने पूरी लगन और जिम्मेदारी का परिचय दिया। समाज के बुजुर्गों और युवाओं ने उनकी इस निस्वार्थ सेवा को सराहा और प्रेरणादायक बताया।
जमात पदाधिकारियों ने दी मुबारकबाद
कोमाखान सुन्नी मुस्लिम जमात के मुतवल्ली वसीम रज़ा और सेक्रेटरी रहमान भाई ने समाज के सभी लोगों को ईद की हार्दिक बधाई दी। वसीम रज़ा ने कहा कि ईद आपसी मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देती है। वहीं रहमान भाई ने अरशद की सेवा को नेक और दुआओं से भरा कार्य बताते हुए युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।
गंगा-जमुनी तहजीब की झलक
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। खास बात यह रही कि अन्य समुदायों के लोग भी मुस्लिम भाइयों के घर पहुंचे और मीठी सेवइयों का आनंद लेते हुए त्यौहार की खुशियां साझा कीं। इस दौरान कोमाखान की गंगा-जमुनी तहजीब एक बार फिर जीवंत नजर आई।
ग्राम पंचायत ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोमाखान के सरपंच, उपसरपंच , पंचों ने मुस्लिम समाज को ईद की दिली मुबारकबाद दी। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसे पर्व आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करते हैं, जो कोमाखान की पहचान है।







