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शाला परिसर में सरकार द्वारा प्रतिबंधित पेड़ों की लकड़ी का ढेर, जिम्मेदारो पर उठे गंभीर सवाल

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रिपोर्ट-खिलेश साहू

कुरूद:– ग्रामीण अंचलों में फसल कटाई के बाद इन दिनों खेतों में शासन द्वारा प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई का सिलसिला तेज हो गया है। बताया जा रहा है कि कुछ कोचिए किसानों से संपर्क कर सस्ते दामों में प्रतिबंधित लकड़ी खरीदकर महंगे दामों पर बेच रहे हैं। शासन के निर्देशानुसार अर्जुन (कहवा), महुआ, आम, इमली, बरगद, परसा, नीलगिरी, नीम, खम्हार जैसे पेड़ों की कटाई प्रतिबंधित है। इसी बीच कुरूद ब्लॉक के ग्राम कोकड़ी (नारी) स्थित माध्यमिक स्कूल परिसर में प्रतिबंधित पेड़ों की लकड़ी खुलेआम रखे जाने का मामला सामने आया है। इस पर स्कूल प्राचार्य महेश साहू की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राचार्य महेश साहू को इस बात की जानकारी होना चाहिए कि प्रतिबंधित लकड़ी को स्कूल परिसर में रखना नियमों के खिलाफ है।

प्राचार्य महेश साहू पर पूर्व में भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। मिली जानकारी के अनुसार उनके खिलाफ शिक्षकों से अभद्र व्यवहार करने और एक छात्रा के साथ मारपीट का आरोप लगा था, जिसमें छात्रा को चोट भी आई थी। परिजनों ने इसकी शिकायत ब्लॉक शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश साहू से की थी। हालांकि जांच के बाद भी मामले में ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

वहीं, ग्राम पंचायत के उपसरपंच जितेन्द्र साहू (महेंद्र) ने सफाई देते हुए कहा कि अर्जुन (कहवा) का पेड़ मध्यान्ह भोजन के लिए मंगवाया गया था। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि यह प्रतिबंधित और गीली लकड़ी है, जिससे भोजन बनाना संभव नहीं है, तो उन्होंने संतोष जनक जवाब नहीं दिया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग मनमानी कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है। अब सवाल यह उठता है कि इस मामले में प्राचार्य दीनदयाल साहू और उपसरपंच जितेन्द्र (साहू) महेंद्र पर क्या कार्रवाई होगी, तथा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इस पूरे प्रकरण में क्या ठोस कार्यवाही करते है या फिर विभागीय मिलीभगत से मामला शांत हो जाएगा।

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