बस्तर संवाददाता – अर्जुन झा
18 नक्सलियों के सामूहिक सरेंडर करने से माओवाद को झटका
जगदलपुर। नक्सल संगठन दंडाकारण्य सब जोनल कमेटी सदस्य तथा साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापाराव का 17 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण क्षेत्र में वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने के पुलिस और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों में एक निर्णायक सफलता का प्रतीक है।
नक्सली संगठन दंडकारण्य सब जोनल कमेटी सदस्य पापा राव, डीवीसीएम प्रकाश मड़वी डीवीसीएम अनिल ताती सहित कुल 18 नक्सलियों का यह समूह, जिसमें 07 महिला कैडर भी शामिल हैं, हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की इच्छा व्यक्त करते हुए सरकार के समक्ष आगे आया है। पुनर्वास की प्रक्रिया के अंतर्गत वे एके- 47 राइफलें तथा अन्य श्रेणीबद्ध हथियार भी सौंपेंगे। 24 मार्च को हुआ यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम इस बात का सशक्त प्रमाण है कि नक्सल मुक्त बस्तर का संकल्प अब वास्तविकता का रूप ले चुका है। बीजापुर पुलिस का दावा है कि बस्तर के दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी आंदोलन के इतिहास में पहली बार नक्सल संगठन प्रभावी रूप से नेतृत्वविहीन हो गया है।

सरकार की परिकल्पना और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से रही आकांक्षा के अनुरूप बस्तर अब एक नई ऊर्जा, नए उत्साह और सकारात्मक पहचान के साथ और अधिक सशक्त होकर उभरने की दिशा में अग्रसर है। बीजापुर पुलिस ने आशा जताई है कि शेष बचे कुछ कैडर, जो वर्तमान में छोटे-छोटे समूहों में भटक रहे हैं, वे भी आने वाले दिनों में शांति का मार्ग चुनते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेंगे। साउथ सब जोनल ब्यूरो क्षेत्र से आत्मसमर्पण करने वाले इन सभी 18 कैडरों, जिनमें डीकेएसजेडसी सदस्य पापा राव भी शामिल हैं और इनके औपचारिक पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी।







