सुकमा संवाददाता – पोडियामी दीपक
कुपोषण से स्वस्थ जीवन की ओर लौटी अनिता, 2 किलो से 5 किलो तक पहुँची अनिता

सुकमा / जिले के सुदूर और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम पुवर्ती से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहाँ प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील पहल ने एक गंभीर कुपोषित बच्ची को नया जीवन दिया।
ग्राम पुवर्ती की मासूम बच्ची कु. अनिता का वजन मात्र ढाई किलो के आसपास रह गया था। वह अत्यंत कमजोर हो चुकी थी और उसे माँ का दूध भी नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में उसके जीवित रहने की संभावना बेहद कम हो गई थी। परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बच्ची को समय पर चिकित्सकीय सुविधा भी नहीं मिल पा रही थी।
इसी दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार का जगरगुंडा और पुवर्ती क्षेत्र का फील्ड दौरा हुआ। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पुवर्ती-02 का जायजा लिया और वहाँ कार्यकर्ता से कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। कार्यकर्ता ने कु. अनिता की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर ने तत्काल बीएमओ और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाए। उसी दिन अनिता को जिला अस्पताल के एसएनसीयू(स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती किया गया।
यहाँ शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम ने लगभग 15 दिनों तक गहन निगरानी में बच्ची की देखभाल की। उचित पोषण, नियमित फीडिंग और चिकित्सा से बच्ची के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। आज कु. अनिता पूरी तरह कुपोषण से बाहर आ चुकी है और उसका वजन बढ़कर 5 किलोग्राम हो गया है। स्वस्थ होकर वह अपने गृह ग्राम लौट गई है।
यह सफलता न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सही समय पर की गई पहल से असंभव लगने वाली परिस्थितियों को भी बदला जा सकता है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल नेतृत्व में जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है।







