सुकमा संवाददाता – पोडियामी दीपक
सुकमा/ जिले के ग्रामीण अंचलों में ट्रेलिस (मचान) खेती किसानों के लिए आय का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। इस नवाचार के जरिए अब किसान स्थानीय हाट-बाजारों में ताजी सब्जियां बेचकर नियमित आमदनी अर्जित कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।
मुलागुड़ा गांव के किसान सुखराम बघेल इस पहल की सफलता की एक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने ट्रेलिस पद्धति अपनाकर सब्जियों का उत्पादन किया और अब तक लगभग 20 हजार रुपये की बिक्री कर चुके हैं। वे साप्ताहिक हाट बाजारों में अपनी उपज बेचते हैं, जिससे उन्हें लगातार आय प्राप्त हो रही है।

यह पहल जिला प्रशासन और आरोह फाउंडेशन के द्वारा एचडीएफसी बैंक के ‘परिवर्तन कार्यक्रम’ के तहत संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत जिले के 15 गांवों में ट्रेलिस खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छोटे एवं सीमांत किसानों को सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
वर्तमान में कई किसान इस पहल से जुड़कर अपनी उपज को बाजारों तक पहुंचा रहे हैं, जिससे खेती किसानों की आय बढ़ा रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही है।







