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​हाई स्कूल हात्मा में ‘हीट वेव’ (लू) से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम संपन्न, छात्रों को बांटी गईं पानी की बोतलें

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केशकाल संवाददाता – विनीत पिल्लई 

​हात्मा, 28 मार्च 2026: बढ़ते तापमान और आगामी भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए, आज हाई स्कूल हात्मा के प्रांगण में छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ के लिए ‘हीट वेव’ (लू) से बचाव के प्रति एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को बढ़ती गर्मी के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखना और उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

​कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों और स्वास्थ्य वक्ताओं ने बच्चों को लू लगने के मुख्य कारणों, इसके प्रारंभिक लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा एक विशेष पहल करते हुए, सभी बच्चों को गर्मी से बचाव और स्कूल के दौरान निरंतर हाइड्रेटेड (Hydrated) रहने के लिए पानी की बोतलें भी वितरित की गईं।

कार्यक्रम में छात्रों व आम जनमानस के लिए दिए गए प्रमुख सुझाव:

​हाइड्रेटेड रहें: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न हो।

​सही पहनावा: गर्मी के मौसम में हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को छाते, टोपी या गमछे से अच्छी तरह ढक कर रखें।

घरेलू पेय पदार्थों का उपयोग: बाजार के ठंडे पेय पदार्थों की जगह नींबू पानी, लस्सी, छाछ, बेल का शरबत और ओआरएस (ORS) के घोल का नियमित सेवन करें।

​धूप से बचाव: दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच कड़ी धूप में बाहर खेलने या बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें।

​खान-पान का रखें ध्यान: खाली पेट घर से बाहर न निकलें और पानी से भरपूर ताजे फलों (जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा) को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

वक्ताओं ने बच्चों को प्राथमिक उपचार की भी जानकारी दी कि यदि किसी को लू लग जाए तो उसे तुरंत छांव में लिटाएं, शरीर को गीले कपड़े से पोंछें और बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा, “बच्चे समाज में किसी भी संदेश को फैलाने के सबसे सशक्त माध्यम हैं। आज का यह कार्यक्रम केवल स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य है कि बच्चे इन जानकारियों को अपने घरों और आस-पड़ोस तक पहुँचाएं।” कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने इस भीषण गर्मी में स्वयं का और दूसरों का ध्यान रखने तथा जल संरक्षण का संकल्प लिया।

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