जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर चांपा के जनता की मांग प्रशिक्षण को स्थगित किया जाए या बाद में भेजा जाए
जिला जांजगीर चांपा में किसी भी जिले की शांति, सुरक्षा और विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसकी कानून-व्यवस्था होती है। जब कानून-व्यवस्था मजबूत होती है, तब आम जनता निर्भय होकर अपना जीवन यापन करती है, व्यापार फलता-फूलता है और सामाजिक सौहार्द बना रहता है। लेकिन यह सब अपने आप नहीं होता—इसके पीछे प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और विशेष रूप से पुलिस विभाग की सक्रियता होती है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में जांजगीर-चांपा जिले में पिछले कुछ समय से ऐसी ही एक मजबूत और प्रभावी पुलिस व्यवस्था देखने को मिली,
जांजगीर-चांपा जिले में पिछले कुछ समय से ऐसी ही एक मजबूत और प्रभावी पुलिस व्यवस्था देखने को मिली, जिसका श्रेय वर्तमान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय को दिया जा रहा है। उनके कार्यकाल में जिले में कानून-व्यवस्था में जो सुधार आया, वह आम जनता के लिए राहत और विश्वास का कारण बना।

अब जब यह खबर सामने आई है कि उन्हें पुलिस अकादमी हैदराबाद में 48 वीं IPS इंडक्शन प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है,
अब जब यह खबर सामने आई है कि उन्हें पुलिस अकादमी हैदराबाद में 48वीं IPS इंडक्शन प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है, तो जिले के लोगों में असंतोष, चिंता और आक्रोश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। जनता का एक बड़ा वर्ग इस निर्णय को समझ नहीं पा रहा है और सवाल उठा रहा है—क्या एक ईमानदार और प्रभावी अधिकारी को इस समय जिले से हटाना या हैदराबाद में 48वीं IPS इंडक्शन प्रशिक्षण हेतु भेजा जा रहा है, उचित है?
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय: एक प्रभावी नेतृत्व की पहचान जिला जांजगीर चांपा को बना रखा था
जब से विजय कुमार पांडेय ने जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार संभाला, तब से जिले में पुलिसिंग के स्वरूप में व्यापक बदलाव देखने को मिला।
उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता रही—
त्वरित कार्रवाई
जनता से संवाद
कठोर कानून व्यवस्था
अपराधियों में भय का माहौल
उन्होंने केवल कार्यालय में बैठकर आदेश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर हालात का जायजा लिया। गांव-गांव में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई गई और हर वर्ग के लोगों से संवाद स्थापित किया गया।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता
जांजगीर-चांपा जिले में महिला सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रही है लेकिन विजय कुमार पांडेय के कार्यकाल में इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ।
महिला थाना की स्थापना
महिला अपराधों में त्वरित FIR
पीड़िताओं को तत्काल न्याय दिलाने का प्रयास
महिला हेल्पलाइन की सक्रियता
इन प्रयासों के कारण महिलाओं में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा और शिकायत दर्ज कराने में झिझक कम हुई।
अपराध पर लगाम: एक सख्त प्रशासनिक दृष्टिकोण
पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने जिले में सक्रिय अपराधों पर कड़ा प्रहार किया।
विशेष रूप से इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता मिली:
हत्या और गंभीर अपराधों में त्वरित गिरफ्तारी
बलात्कार जैसे संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई
जुआ और सट्टा पर नियंत्रण
अवैध शराब और नशे के कारोबार पर रोक
चोरी और डकैती की घटनाओं में कमी
पुलिस अधीक्षक की सख्ती का परिणाम यह रहा कि अपराधियों में भय का माहौल था ल।
जो लोग पहले खुलेआम अवैध गतिविधियों में संलग्न थे, वे या तो जिले से भाग गए या अपने काम बंद करने को मजबूर हो गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और विश्वास
जांजगीर-चांपा एक बड़ा जिला है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों की संख्या अधिक है। पहले इन इलाकों में पुलिस की पहुंच सीमित थी, लेकिन विजय कुमार पांडेय ने इस स्थिति को बदला।
नियमित गश्त
ग्राम स्तरीय बैठकें
जनसंवाद कार्यक्रम
पुलिस-जनता के बीच विश्वास निर्माण
इन प्रयासों से ग्रामीणों को पहली बार यह महसूस हुआ कि पुलिस उनके साथ खड़ी है।
जनता और पुलिस के बीच सेतु
पांडेय की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम किया।
पहले जहां लोग पुलिस के पास जाने से डरते थे, वहीं अब लोग अपनी समस्याएं खुलकर रखने लगे।
पुलिस थानों में पारदर्शिता बढ़ी
शिकायतों का त्वरित समाधान हुआ
जनता को सम्मानजनक व्यवहार मिला
अब स्थानांतरण या प्रशिक्षण: क्यों उठ रहे सवाल?
ऐसे समय में जब जिले में कानून-व्यवस्था स्थिर हो रही थी, यह खबर आना कि पुलिस अधीक्षक को प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है, जनता के लिए चिंता का व…







