संवाददाता – जवाहर यादव
एमसीबी जिले के भरतपुर वनांचल क्षेत्र अंतर्गत जनकपुर रेंज एक बार फिर विवादों में है। यहां वन विभाग द्वारा एक गरीब परिवार के आशियाने को जेसीबी से तोड़े जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित व्यक्ति पिछले 25-30 वर्षों से उसी स्थान पर निवास कर रहा था और अपने परिवार का जीवनयापन कर रहा था। अचानक वन विभाग की टीम पहुंची और बिना पर्याप्त समय दिए मकान को ध्वस्त कर दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यह अतिक्रमण था, तो वन विभाग ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। लोगों का कहना है कि विभाग तब सक्रिय हुआ जब मकान पूरी तरह तैयार हो चुका था। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हैं और चुनिंदा लोगों को निशाना बनाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को राहत देने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी, विशेषकर डीएफओ, इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता है।





