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महासमुंद की स्वास्थ्य सेवाओं में ‘संजीवनी’ का संचार: हाई-टेक उपकरणों से लैस 8 नई एम्बुलेंस रवाना

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अब्दुल रफ़ीक खान/महासमुंद। जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में आज एक बड़ा अध्याय जुड़ गया है। राज्य शासन द्वारा महासमुंद जिले को 8 अत्याधुनिक एम्बुलेंस की सौगात दी गई है। इन जीवन रक्षक वाहनों को विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा किशन लाल पटेल और कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने हरी झंडी दिखाकर कलेक्टोरेट परिसर से रवाना किया।

‘गोल्डन ऑवर’ में बचेगा जीवन: विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा

लोकार्पण के अवसर पर विधायक सिन्हा ने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है। इन नई गाड़ियों के जुड़ने से आपातकालीन समय में मरीजों को अस्पताल पहुँचाने की गति बढ़ेगी।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जोर देते हुए कहा:

“प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी त्वरित चिकित्सा मिले। इन एम्बुलेंस के माध्यम से मिलने वाला उपचार जान बचाने में निर्णायक साबित होगा।”

एम्बुलेंस नहीं, ‘एडवांस लाइफ सपोर्ट’ सिस्टम

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि ये नई एम्बुलेंस केवल वाहन नहीं, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस लघु अस्पताल हैं। इनमें शामिल हैं:

* वेंटिलेटर और इनक्यूबेटर: गंभीर मरीजों और नवजातों के लिए जीवन रक्षक।

* डिफिब्रिलेटर और ऑक्सीजन मशीन: दिल के दौरे या सांस की तकलीफ वाले मरीजों के लिए।
* सक्शन पंप और नेब्युलाइजर: श्वसन संबंधी आपातकालीन स्थिति के लिए।
* जरूरी दवाइयाँ: प्राथमिक उपचार हेतु एम्बुलेंस में जीवन रक्षक दवाओं का स्टॉक उपलब्ध रहेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान
जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में अक्सर गंभीर मरीजों को बड़े अस्पतालों तक ले जाने में समय लगता था। अब इन 8 नई एम्बुलेंस के बेड़े में शामिल होने से गंभीर मरीजों को रास्ते में ही प्राथमिक उपचार मिलना शुरू हो जाएगा, जिससे जीवित रहने की संभावना (Survival Rate) काफी बढ़ जाएगी।

गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से महासमुंद का स्वास्थ्य तंत्र पहले से कहीं अधिक मजबूत और भरोसेमंद बनेगा।

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