रवि साहू/कोरबा।
जमनीपाली बस्ती स्थित प्राचीन धरोहर मोहन टाकीज (सिनेमाहाल) इन दिनों बदहाली का शिकार होकर असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। कभी सिनेमा प्रेमियों की आस्था का प्रतीक रहा यह सिनेमाहाल पिछले कई वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके चलते इसकी इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
जर्जर इमारत में पनप रहे असामाजिक तत्व
स्थानीय लोगों के अनुसार, बंद पड़े इस सिनेमाहाल में अब शराबियों, गांजा सेवन करने वालों और अन्य असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगा है। इससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
तीन महीने पहले दिया गया था आवेदन
ग्रामवासियों ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्राम विकास समिति, जमनीपाली के माध्यम से वार्ड क्रमांक 54 के पार्षद, सिनेमाहाल मालिक एवं संबंधित थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर सिनेमाहाल के मुख्य गेट को तत्काल सील करने की मांग की थी।
गेट नहीं हुआ सील, असामाजिक तत्वों ने तोड़ा मुख्य द्वार
आरोप है कि आवेदन दिए जाने के बावजूद लगभग तीन महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी का फायदा उठाते हुए असामाजिक तत्वों ने अब सिनेमाहाल के मुख्य गेट को ही तोड़ दिया है, जिससे उनके लिए अंदर प्रवेश और अवैध गतिविधियों को अंजाम देना और आसान हो गया है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उठे सवाल
ग्रामवासियों का कहना है कि इस पूरे मामले में वार्ड पार्षद की निष्क्रियता, थाना प्रभारी की उदासीनता और सिनेमाहाल मालिक की लापरवाही साफ नजर आ रही है। साथ ही क्षेत्र के अन्य जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर भी अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामवासी अब आक्रोशित हो चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सिनेमाहाल के गेट को सील कर सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की घटना की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन की होगी।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बहाल करने की मांग की है।







