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अवैध रेत कारोबार पर प्रशासन का बड़ा प्रहार – माफियाओं में मचा हड़कंप

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जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
 जिला जांजगीर चांपा जांजगीर चांपा जिले में लंबे समय से सक्रिय रेत माफियाओं के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। दिनांक 05 अप्रैल 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सक्ती जिला प्रशासन और थाना बिर्रा पुलिस की संयुक्त टीम ने महानदी के करही घाट पर छापेमारी कर अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन में संलिप्त तत्वों पर शिकंजा कस दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम करही (तहसील हसौद, जिला सक्ती) स्थित महानदी घाट में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किया जा रहा था। यह रेत सीमावर्ती क्षेत्रों—सक्ती और जांजगीर-चांपा—में लगातार परिवहन की जा रही थी, जिससे शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था और पर्यावरणीय संतुलन भी बिगड़ रहा था।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने 04 अप्रैल की रात को करही घाट पर दबिश देकर अवैध रेत परिवहन में लगे 05 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की।
इस अभियान में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुश्री कावेरी मरकाम, तहसीलदार श्रीमती गरिमा मनहर अनंत सहित राजस्व विभाग और थाना बिर्रा के अधिकारी-कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। थाना प्रभारी निरीक्षक जय कुमार साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की और अवैध गतिविधियों में लिप्त वाहनों को जब्त किया।
पर्यावरण और राजस्व पर असर
अवैध रेत खनन न केवल शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाता है, बल्कि यह नदियों के प्राकृतिक प्रवाह, जलस्तर और आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। महानदी जैसे महत्वपूर्ण जल स्रोत में इस प्रकार की गतिविधियां भविष्य के लिए खतरे की घंटी हैं।
माफियाओं पर बढ़ती सख्ती
प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि अब अवैध खनन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। लगातार मिल रही शिकायतों और सूचनाओं के आधार पर भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
इस सख्त कार्रवाई के बाद आम जनता और जागरूक नागरिकों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन अब अवैध खनन माफियाओं पर स्थायी नियंत्रण स्थापित करेगा। लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित और निष्पक्ष कार्रवाई होती रही, तो क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों को मजबूती मिलेगी।
महानदी घाट करही में की गई यह कार्रवाई न केवल रेत माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी चेतावनी है, बल्कि यह प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है। अब देखना होगा कि यह मुहिम कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ती है और क्या वास्तव में अवैध खनन पर पूर्ण विराम लग पाता है या नहीं।

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