जांजगीर चांपा संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला जांजगीर चांपा चांपा। छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर सदियों से श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मांड नदी, लत नदी और महानदी के संगम तट पर विराजमान मां चंद्रहासिनी देवी का यह दिव्य धाम 52 शक्तिपीठों में से एक महत्वपूर्ण शक्तिपीठ के रूप में विख्यात है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु पहुंचते हैं।
इसी क्रम में चांपा निवासी श्रद्धालु अजय ऐरन अग्रवाल अपने परिवार — मधु, अंशिका और लक्ष्य अग्रवाल के साथ माता के दरबार में पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने माता को पुष्प अर्पित कर श्रद्धा के साथ मत्था टेकते हुए अपने परिवार की सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मां चंद्रहासिनी का स्वरूप अत्यंत मनमोहक और दिव्य है। उनके मुख की आभा चंद्रमा के समान प्रतीत होती है, इसी कारण उन्हें चंद्रहासिनी और चंद्रसेनी मां के नाम से जाना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि माता अपने भक्तों की हर मनोकामना को निष्काम भाव से पूर्ण करती हैं और उनके जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का संचार करती हैं।
अजय ऐरन अग्रवाल परिवार ने बताया कि उनका मां चंद्रहासिनी पर अटूट विश्वास और गहरी आस्था है। वे हर शुभ अवसर पर माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। उनका मानना है कि मां की कृपा से ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त होती है।
मंदिर परिसर में विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि और अश्विन नवरात्रि के दौरान अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिलता है। चारों ओर गूंजते जयकारे, भक्ति गीत, और सजीव सजावट भक्तों को एक अलौकिक अनुभूति प्रदान करते हैं। इन पावन अवसरों पर मंदिर की छटा इतनी मनमोहक होती है कि श्रद्धालु उसमें खो जाते हैं।
मां चंद्रहासिनी के पवित्र धाम के समीप ही स्थित नाथल दाई मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां दर्शन कर भक्त अपनी यात्रा को पूर्ण मानते हैं।
अंत में अजय ऐरन अग्रवाल सपरिवार ने मां चंद्रहासिनी से प्रार्थना की कि उनकी कृपा दृष्टि सदैव उनके परिवार पर बनी रहे और उन्हें पुनः इस पावन धाम के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो।
जय मां चंद्रहासिनी!







