AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की वजह से आईटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी देखने को मिल रही है। एआई की वजह से हो रही छंटनी के कारण सेक्टर के कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कर्मचारियों के संगठन ‘NITES’ ने टेक कंपनियों से छंटनी के बजाय कौशल विकास को प्राथमिकता देने की अपील की है। नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉइज सीनेट (NITES) ने नीतिगत हस्तक्षेप के जरिए दफ्तरों में काम करने वाले (व्हाइट-कॉलर) पेशेवरों की सुरक्षा के लिए कड़े उपाय और अनिवार्य विच्छेद मानदंड लागू करने की मांग की है, क्योंकि आईटी उद्योग द्वारा एआई के आक्रामक विस्तार से नौकरियों में भारी कटौती और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है।
बताते चलें कि अमेरिकी आईटी कंपनी ओरेकल ने अभी हाल ही में बड़े पैमानी पर छंटनी की है। ओरेकल ने वैश्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है। अमेरिकी आईटी कंपनी ने भारत में भी लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की है। इतना ही नहीं, एक महीने के अंदर छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू होने का अनुमान है। भारत में करीब 30,000 कर्मचारियों को रोजगार देने वाली ओरेकल ने ईमेल के जरिए निकाले गए कर्मचारियों को बताया था संगठनात्मक बदलावों के कारण कई पद अप्रासंगिक हो जाएंगे।
ओरेकल ने भारत में एक साल से ज्यादा काम करने वाले कर्मचारियों को 15 दिन की सैलरी बोनस के रूप में देने की पेशकश की थी। पीटीआई की एक खबर के मुताबिक, ओरेकल ने नौकरी से निकाले जाने वाले कर्मचारियों को जॉब की आखिरी तारीख तक एक महीने की सैलरी (बिना भुगतान वाली), छुट्टियों का भुगतान, पात्रता के अनुरूप ग्रेच्युटी और एक महीने के नोटिस पीरियड का भुगतान करने की पेशकश की है। इसके अलावा स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने वाले कर्मचारियों को कंपनी ने दो महीने का अतिरिक्त वेतन देने की सूचना दी है।







