रिपोर्ट- खिलेश साहू
ऑपरेशन निश्चय की समीक्षा : सूखा नशा और शराब पर कसावट और बढ़ाई जायेगी
पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने आज जिले में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में जिले में जुआ-सट्टा जैसे अवैध कृत्यों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण न दिया जाए तथा उनके विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्यवाही की जाए।
जुआ-सट्टा संचालित करने वाले तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे तत्काल अपनी अवैध गतिविधियां बंद करें अथवा धमतरी जिला छोड़ दें अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर एवं निरंतर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, ऐसे व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखते हुए उनके नेटवर्क एवं सहयोगियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी प्रभावी कार्यवाही करने, थाना स्तर पर विशेष टीमों को सक्रिय कर नियमित दबिश देने, गुप्त सूचनाएं एकत्रित करने तथा तकनीकी माध्यमों के उपयोग से इन गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने पर विशेष जोर दिया गया है। SP ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधि में यदि कोई स्टाफ संलिप्त पाया जाता है तो उसपर सख्त कार्यवाही की जायेगी और उसके प्रभारी की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।

उक्त बैठक में ही मादक पदार्थों के अवैध बिक्री, परिवहन एवं कारोबार के विरुद्ध संचालित विशेष अभियान “ऑपरेशन निश्चय” के अंतर्गत गठित 30 टीमों के कार्य निष्पादन की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जिसमें अभियान के दौरान अब तक की गई समस्त कार्यवाहियों का गहन, सूक्ष्म एवं बिंदुवार मूल्यांकन करते हुए उसकी प्रगति एवं प्रभावशीलता का समग्र आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान प्रत्येक टीम के प्रदर्शन, कार्यशैली, सूचना संकलन की दक्षता, कार्यवाही की गति, समन्वय क्षमता एवं प्राप्त परिणामों का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया गया तथा बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सुधारात्मक बिंदुओं की पहचान कर अधिकारियों को अधिक प्रभावी, त्वरित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया।
इसके साथ यह स्पष्ट किया गया कि आने वाले समय में नशे के अवैध कारोबार पर कसावट बढ़ाई जायेगी। उल्लेखनीय है कि यह जिले में ऑपरेशन निश्चय के अन्तर्गत चौथी रेड कार्यवाही थी l

पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु केवल औपचारिक कार्यवाही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक कार्यवाही ठोस, प्रभावी एवं परिणाम देने वाली होनी चाहिए। बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि किन कारणों से कुछ स्थानों पर अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं हो सकी तथा किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। इस पर अधिकारियों को कमियों को चिन्हित कर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने, कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार लाने तथा नवीन रणनीति एवं बेहतर प्लानिंग के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, खुफिया तंत्र को और अधिक सक्रिय करने, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अभियान की गति एवं परिणामों में गुणात्मक वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस अधीक्षक द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों, आदतन अपराधियों एवं संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए तथा उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक टीम को अपने-अपने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए निरंतर फील्ड में सक्रिय रहने तथा आमजन से संवाद स्थापित कर अधिक से अधिक सूचनाएं एकत्रित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
इसके अतिरिक्त, इस माह संचालित “ऑपरेशन तलाश” के संबंध में भी समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि गुमशुदा व्यक्तियों, विशेषकर गुम बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं की शीघ्र एवं सुरक्षित दस्तयाबी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए थाना स्तर पर गठित टीमों को और अधिक सक्रिय करते हुए तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया, सूचना तंत्र एवं अन्य विभागों के समन्वय का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिकतम गुमशुदा व्यक्तियों को शीघ्रता से खोजकर उनके परिजनों से मिलाया जा सके। इसमे सभी अनुभागों और थानों के मध्य प्रतिस्पर्धा का आह्वान करते हुए प्रथम तीन स्थानों…







