Home चर्चा में आस्था,समर्पण और सेवा की जीवंत मिसाल

आस्था,समर्पण और सेवा की जीवंत मिसाल

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प्रदीप द्विवेदी/ओड़गी। धार्मिक आस्था और मानव सेवा का अद्भुत संगम कुदरगढ़ धाम में देखने को मिला,जहां वर्षों से निरंतर चल रही सेवा इस बार और भी व्यापक और व्यवस्थित रूप में सामने आई। एक छोटे से प्रयास से शुरू हुई यह पहल आज हजारों श्रद्धालुओं के लिए संबल और प्रेरणा का केंद्र बन चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सेवाभावी व्यक्ति ने अपने जीवन की शुरुआत बॉम्बे सेल जैसे छोटे व्यवसाय से की थी। धीरे-धीरे उनकी पहचान आसपास के लगभग 20 गांवों में स्थापित हो गई, जहां लोग उनसे कपड़ा लिया करते थे। इसी दौरान उनके भीतर सेवा का भाव जागृत हुआ और उन्होंने मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मटका का शीतल जल एवं गुण की व्यवस्था कर सेवा कार्य प्रारंभ किया।इस सेवा के पीछे एक दिव्य प्रेरणा भी जुड़ी हुई है।

स्वयं मां कुदरगढ़ देवी ने स्वप्न में दर्शन देकर उन्हें श्रद्धालुओं की सेवा करने का संदेश दिया। इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद उन्होंने इसे अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया और पिछले 16 वर्षों से यह सेवा निरंतर जारी है। इस चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर कुदरगढ़ धाम में 15 दिवसीय विशेष सेवा शिविर का आयोजन किया गया,जो छत्तीसगढ़ कलवार जायसवाल समाज सेवा समिति के बैनर तले संचालित हुआ। निःशुल्क धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था,दोनों समय श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था पूरी निष्ठा और व्यवस्थित तरीके से की गई है।इस पुनीत कार्य के केंद्र में हैं मैया जी के सेवक,धर्मशाला के संस्थापक एवं व्यवस्थापक,तथा छत्तीसगढ़ कलवार जायसवाल समाज सेवा समिति के अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता:-इनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में यह सेवा कार्य लगातार विस्तार पा रहा है। इनके द्वारा न केवल इस धर्मशाला की स्थापना की गई,बल्कि व्यवस्थाओं को स्वयं देख-रेख कर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधा और सम्मान मिले। उनका यह समर्पण ही इस सेवा को निरंतर सफल बना रहा है।

प्रातःकालीन नींबू चाय सेवा,मेडिकल सुविधा-सिर दर्द,बदन दर्द एवं बुखार की दवाइयों का निःशुल्क वितरण,मरहम-पट्टी केंद्र-सीढ़ियों में चोटिल हुए श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक उपचार,थके हुए यात्रियों के लिए मालिश सेवा,इन सेवाओं का लाभ न केवल श्रद्धालु, बल्कि मेले में दूर-दूर से आए दुकानदार भी उठाऐ हैं। कुदरगढ़ धाम में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं व्यापारी पहुंचते हैं। ऐसे में सभी के लिए निःशुल्क भोजन एवं ठहरने की व्यवस्था करना अपने आप में अत्यंत सराहनीय कार्य है। आज के दौर में जहां स्वार्थ की भावना बढ़ती जा रही है,वहीं यह सेवा कार्य समाज को यह संदेश देता है कि सच्ची श्रद्धा केवल पूजा-अर्चना में नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा में भी निहित होती है। कुदरगढ़ धाम में चैत्र नवरात्र के दौरान संचालित यह सेवा अभियान आस्था,सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। विनोद कुमार गुप्ता जैसे सेवाभावी व्यक्तित्व के नेतृत्व में यह पहल आने वाले समय में और भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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