संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला बिलासपुर बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1 बर्ड फ्लू) संक्रमण की पुष्टि के बाद जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित और व्यापक कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर उठाए गए कदम किसी भी महामारी को नियंत्रित करने में कितने प्रभावी हो सकते हैं। प्रशासन ने सफल सैनिटाइजेशन के बाद क्षेत्र को प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है, लेकिन खतरे को पूरी तरह टालने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
संक्रमण से नियंत्रण तक की पूरी प्रक्रिया
संक्रमण की पुष्टि होते ही पशु चिकित्सा विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में तत्काल एक्शन लिया। पोल्ट्री फार्म को पूरी तरह खाली कराया गया और सभी संक्रमित पक्षियों, अंडों, चारे एवं अन्य सामग्रियों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन और सोडियम हाइपोक्लोराइट से गहन सैनिटाइजेशन किया गया। यह प्रक्रिया संक्रमण के प्रसार को रोकने में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बर्ड फ्लू जैसे संक्रामक रोगों में “कंटेनमेंट” यानी संक्रमण को सीमित दायरे में रोकना सबसे बड़ी चुनौती होती है, जिसे बिलासपुर प्रशासन ने प्रभावी ढंग से निभाया है।
पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस: खतरे पर लगातार नजर
सिर्फ सैनिटाइजेशन ही नहीं, बल्कि भविष्य में संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए “पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP)” लागू किया गया है। इसके तहत हर 15 दिनों में नमूनों की जांच की जाएगी और लगातार चार बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया जाएगा।
यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि बर्ड फ्लू वायरस वातावरण में कुछ समय तक निष्क्रिय अवस्था में रह सकता है और अनुकूल परिस्थितियों में फिर सक्रिय हो सकता है।
प्रतिबंध और सावधानियां: क्यों जरूरी हैं?
प्रशासन ने सर्विलांस जोन (10 किमी दायरे में पक्षियों और उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध लगाया है। वहीं, संक्रमित केंद्र (0–1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इन प्रतिबंधों का उद्देश्य केवल संक्रमण को रोकना ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में इसके फैलाव की संभावना को पूरी तरह खत्म करना है।
कुक्कुट पालकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
पशुपालन विभाग ने जिले के सभी पोल्ट्री संचालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (SOP) का सख्ती से पालन करें। विशेष रूप से निम्न बातों का ध्यान रखना जरूरी है—
पक्षियों की अचानक या असामान्य मृत्यु होने पर तुरंत सूचना दें
पोल्ट्री फार्म में बाहरी लोगों का प्रवेश सीमित रखें
साफ-सफाई और नियमित डिसइन्फेक्शन बनाए रखें
संक्रमित क्षेत्र से किसी भी प्रकार का पक्षी या उत्पाद बाहर न ले जाएं
जनस्वास्थ्य के लिए राहत की खबर
हालांकि बर्ड फ्लू मुख्यतः पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन कुछ मामलों में यह मनुष्यों तक भी फैल सकता है। ऐसे में बिलासपुर प्रशासन द्वारा उठाए गए सख्त कदम आम जनता के लिए राहत भरे हैं। अभी तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार का मानव संक्रमण सामने नहीं आया है।
बिलासपुर में बर्ड फ्लू पर नियंत्रण प्रशासन की सजगता
बिलासपुर में बर्ड फ्लू पर नियंत्रण प्रशासन की सजगता और वैज्ञानिक रणनीति का परिणाम है। लेकिन यह भी उतना ही सच है कि लापरवाही से यह संक्रमण दोबारा फैल सकता है। इसलिए अगले तीन महीने अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रशासन, पशुपालन विभाग और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास से ही इस बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। सतर्कता, अनुशासन और समय पर सूचना—यही इस लड़ाई के सबसे बड़े हथियार हैं।







