बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
कुसमी। बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम झालबासा में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर “छत्तीसगढ़ न्यूज़” में प्रमुखता से प्रकाशित “खबर का असर” अब ज़मीन पर दिखने लगा है। उक्त खबर कई समाचार पत्रों व न्यूज चैनलो पर दिखाई गई थी। वर्षों से पानी, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे आदिवासी बृजिया समाज के इस गांव में मीडिया द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है।
पेयजल संकट से राहत की पहल..
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में एक नग बोर खनन का कार्य करवा दिया है। इससे ग्रामीणों को कुछ हद तक पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद जगी है। गौरतलब है कि आजादी के बाद से ही गांव के लोग स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रहे थे और नदी-नालों के दूषित पानी पर निर्भर थे। यह माना ज रहा हैं की यदि मिडिया की टीम ने खबर नहीं उठाया होता तो आज भी प्रशासन बेखबर रहता।

निर्माणाधीन सड़क कार्य में आई तेजी..
मीडिया टीम द्वारा गांव तक पहुंचकर जमीनी हकीकत उजागर किए जाने के बाद प्रशासन ने आवागमन की समस्या को भी गंभीरता से लिया है। गांव तक पहुंचने वाली निर्माणाधीन सड़क के कार्य को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आने वाले समय में ग्रामीणों को बेहतर संपर्क सुविधा मिल सकेगी।
विकास की सख्त जरूरत, प्रशासन से और अपेक्षाएं..
हालांकि एक बोर खनन से समस्या का आंशिक समाधान हुआ है, लेकिन गांव में अभी भी बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। ग्रामीणों और बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि इस गांव में समग्र विकास की अत्यंत आवश्यकता है, जिस पर प्रशासन को गंभीरता से कार्य करना चाहिए।
प्रशासन की सक्रियता पर उठे सवाल..

बोर खनन के बाद प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यमों से इसका प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है, जिस पर कुछ लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि मीडिया टीम गांव नहीं पहुंचती, तो शायद आज भी यह गांव पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहता। बुद्धिजीवियों ने यहां तक कहा कि पत्रकारों की सक्रियता ही प्रशासन को जमीनी सच्चाई से रूबरू कराती है।
ग्रामीणों को आगे भी उम्मीद
झालबासा के ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि यह पहल केवल शुरुआत है और आने वाले समय में गांव को सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि वे भी सम्मानजनक जीवन जी सकें।







