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बिलासपुर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: सरकारी नौकरी के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले ‘ठगबाजों’ का पर्दाफाश! 

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रायपुर संवाददाता – रघुराज 

बिलासपुर: सावधान! अगर आप या आपका कोई परिचित सरकारी नौकरी की तलाश में है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। बिलासपुर पुलिस ने बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जिसने जालसाजी की सारी हदें पार कर दी थीं।

कैसे चलता था ठगी का ‘गंदा खेल’?
यह कोई मामूली गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट था। मुख्य आरोपी कपिल गोस्वामी ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को इतना प्रभावशाली दिखाया कि राज्य के अलग-अलग जिलों के बेरोजगार युवक-युवतियां इनके झांसे में आ गए।

इस गिरोह ने PWD, पुलिस विभाग, जेल विभाग, PHE, वन विभाग और शिक्षा विभाग जैसे प्रतिष्ठित महकमों में सीधी भर्ती का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए ये आरोपियों को फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) और यहाँ तक कि फर्जी सेवा पुस्तिका (Service Book) तक थमा देते थे, ताकि किसी को शक न हो।

गिरोह के चेहरे: पत्रकार से लेकर सरपंच प्रतिनिधि तक शामिल

इस ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने अपने पदों और रसूख का गलत इस्तेमाल किया:
1. कपिल गोस्वामी (मास्टरमाइंड): अकलतरा का रहने वाला यह शातिर ठग पूरे खेल का केंद्र था।
2. गुरुशंकर दिव्य: खुद को पत्रकार बताकर लोगों पर धौंस जमाता और गिरोह को संरक्षण देता था।
3. ईश्वर चौहान: सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर ग्रामीणों के बीच पैठ बनाकर उन्हें शिकार बनाता था।
4. राजेंद्र पलांगे और पुरुषोत्तम तिवारी: युवाओं को फंसाने और पैसों की उगाही में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

पुलिस का ‘क्विक एक्शन’ और बड़ी बरामदगी

सिविल लाइन थाना पुलिस ने जैसे ही मामला दर्ज किया, कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों को घेराबंदी कर धर दबोचा। पुलिस ने इस कार्रवाई में भारी मात्रा में संपत्ति भी जप्त की है:
नगद: ₹13 लाख कैश बरामद।
लग्जरी: ₹20 लाख की चमचमाती इनोवा कार जप्त।
बैंक: ₹03 लाख की राशि बैंक खातों में फ्रीज कराई गई।
डिवाइस: 07 नग मोबाइल और ढेर सारे फर्जी सरकारी दस्तावेज।

कानून का कड़ा शिकंजा
बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा संगठित तरीके से अपराध करने वालों पर लगती है, जिससे आरोपियों का बच निकलना अब मुश्किल होगा।

हमारी अपील (Public Interest):

दोस्तों, सरकारी नौकरी केवल कड़ी मेहनत और आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया से ही मिलती है। पैसे देकर नौकरी पाने की कोशिश न करें, यह न केवल अवैध है बल्कि आपके भविष्य को बर्बाद कर सकता है। अगर कोई आपसे नौकरी के नाम पर पैसों की मांग करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें।

बिलासपुर पुलिस की इस शानदार सफलता के लिए एक लाइक और शेयर तो बनता है!

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