बुलेट ट्रेन आने वाली है,
ज़िंदगी की रफ़्तार और बढ़ाने वाली है।
प्रगति की गति अब तेज़ होने वाली है,
परिवर्तन की धारा नई दिशा देने वाली है।
दूरियाँ अब सिमटती नज़र आएँगी,
हर मंज़िल पहले से क़रीब हो जाएगी।
समय की क़ीमत लोग समझ पाएँगे,
नए भारत के सपने साकार हो जाएँगे।
तकनीक के संग नया दौर आएगा,
मेहनत का हर रंग और निखर जाएगा।
व्यापार, शिक्षा और विकास बढ़ेंगे,
देश के हर कोने के सपने सँवरेंगे।
यात्रा अब आसान और सुगम होगी,
प्रगति की राह और भी दृढ़ होगी।
लेकिन इतनी रफ़्तार में यह ध्यान रहे,
इंसानियत का हाथ कभी न छूटे।
रफ़्तार के संग संस्कार भी ज़रूरी हैं,
विकास के साथ श्रेष्ठ विचार भी ज़रूरी हैं।
तरक़्क़ी तभी सच्चे अर्थों में कहलाएगी,
जब हर चेहरे पर मुस्कान नज़र आएगी।
ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का संग लेकर,
भारत आगे बढ़ेगा दुनिया को साथ लेकर।
मेहनत, नैतिकता और सद्भाव से जुड़कर,
भारत विश्वगुरु बनेगा फिर से उभरकर।
तभी यह बदलता भारत महान बनेगा,
और विश्व में अपना नया सम्मान गढ़ेगा।
✍️: राजकुमार सोनी, रायपुर (छत्तीसगढ़)








