सरगुजा संवाददाता – विकास अग्रवाल
अंबिकापुर, सरगुजा। स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला का भव्य शुभारंभ आज अंबिकापुर में हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के सभी संभागों से आए दायित्ववान कार्यकर्ता, केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता तथा विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तेलचित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं स्वदेशी चिंतक प्रो. अश्विनी महाजन, विधायक मान प्रबोध मिंज,स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संयोजक श्री सुधीर दाते, प्रांत संयोजक एवं स्वावलंबी भारत अभियान के समन्वयक श्री जगदीश पटेल सहित अनेक गणमान्यजन मंचासीन रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री जगदीश पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी चिंतन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्वावलंबी भारत अभियान के उद्देश्यों एवं आगामी कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डाला।
इसके पश्चात क्षेत्रीय संयोजक श्री सुधीर दाते ने स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना, कार्यपद्धति, वैचारिक आधार तथा संगठन द्वारा देशभर में किए जा रहे विविध जनजागरण अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि राष्ट्र के सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम है।
मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुवे छ ग शासन के मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत, ‘वोकल फॉर लोकल’ एवं स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन हेतु किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों के उपयोग एवं स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देकर ही भारत विश्व अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संसाधनों के सदुपयोग तथा रोजगार सृजन में स्वदेशी की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं देश के प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. अश्विनी महाजन ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, भारत की आर्थिक संभावनाओं तथा स्वदेशी आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा शक्ति, विशाल बाजार एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। यदि हम स्थानीय उत्पादन, नवाचार, कौशल विकास एवं उद्यमिता को प्राथमिकता दें तो भारत शीघ्र ही विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज गति से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने विदेशी निर्भरता कम करने तथा भारतीय उद्योगों और उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
यह प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला आगामी सत्रों में स्वदेशी अर्थनीति, रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, स्थानीय उत्पादन, शिक्षा, कृषि एवं सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर गहन चर्चा एवं प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ेगी।
“स्वदेशी अपनाएं – स्वावलंबी भारत बनाएं” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का प्रथम दिवस उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर स्वदेशी के पदादिकारी दिनेश पाटिल, सुब्रत चाकी, दिग्विजय भाकरे, उमेश पासवान, संजय चौवे, सुमन मुथा, शंकर त्रिपाठी, राजकिशोर चौधरी, उपेन्द्र यादव, किरण सिंह,ठाकुर राम राजवाड़े, योगेश विश्वकर्मा आदि कार्यकर्त्ता उपस्थित रहें l
जारीकर्ता :
स्वदेशी जागरण मंच – छत्तीसगढ़ प्रांत
स्वावलंबी भारत अभियान – छत्तीसगढ़ प्रांत
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)








