बृजेश चतुर्वेदी :- केदमा उदयपुर
सरगुजा से साहित्यकारों का जत्था सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर रवाना होकर दर्शन लाभ कर अपने अपने जिला घर स्थान को सकुशल वापस लौटे।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन के अभिनव प्रयास “सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा” के अंतर्गत सरगुजा संभाग के साहित्यकारों, कलाकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट प्रतिभाओं का जत्था आज विशेष ट्रेन से सोमनाथ के लिए रवाना होकर वापस अपने अपने घरों को लौटे।
मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ एवं मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के निर्माण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करना है।

यात्रा का शुभारंभ रायपुर रेलवे स्टेशन से 22 जून को प्रातः 12 बजे हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस विशेष यात्रा में छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों के जल को कलशों में एकत्र कर तथा प्रदेश के विभिन्न स्थलों से लाई गई पवित्र मिट्टी को साथ लेकर प्रस्थान किया गया था। सोमनाथ पहुंचने पर इन कलशों के जल एवं मिट्टी से विशेष पूजन एवं अभिषेक किया गया।
इस यात्रा में बिपिन किशोर नोडल अधिकारी के नेतृत्व में सरगुजा संभाग से कुल 87 प्रतिष्ठित नागरिक, कलाकार, साहित्यकार तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित व्यक्तियों को शामिल किया गया था। सोमनाथ दर्शन के अतिरिक्त प्रतिभागी गुजरात की सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन कर तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता, लोक परंपराओं और साहित्यिक गतिविधियों का आदान-प्रदान भी किया।

सरगुजा से यात्रा में शामिल प्रमुख साहित्यकारों एवं सांस्कृतिक कर्मियों में राजेश तिवारी सपत्नी, आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर अंबिकापुर, रंजीत सारथी सपत्नी, सुरेंद्र साहू,अनिल प्रताप सिंह, बृजेश चतुर्वेदी,डॉ. अंचल कुमार सिन्हा, भारत वर्मा सपत्नी, महेंद्र विश्वकर्मा सपत्नी, रानू साहू,श्रीनाथ सिंह ,सुधीर पाठक, राजेंद्र विश्वकर्मा , विजय यादव, टेकराम यादव, कृतिका सिंह, सुभाष जायसवाल, राधेश्याम, जायसवाल,सहित अन्य गणमान्य जन शामिल रहे।
प्रतिभागियों ने इस यात्रा को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए,मुख्य्मंत्री एवं केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।








