‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से नवाजे गए पीएम, विदेशों से मिला यह 34वां सर्वोच्च सम्मान
सेशेल्स की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन” (Guardian of the Blue Horizon) से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी देशों का है जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ने और समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर केवल समुद्र नहीं, बल्कि साझा विरासत और अवसरों का महासागर है, जिसे शांति, सुरक्षा और सतत विकास का क्षेत्र बनाना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगा नया आयाम
प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ब्लू इकोनॉमी, पर्यटन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए।
समुद्री सुरक्षा को मिली मजबूती
यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को स्वदेश में निर्मित एक फास्ट पेट्रोल वेसल (Fast Patrol Vessel) भी सौंपा। इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी, तटीय सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को और मजबूत करना है।
34 देशों से मिल चुका है सर्वोच्च सम्मान
सेशेल्स का यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी विदेशी देश द्वारा दिया गया 34वां सर्वोच्च नागरिक या राष्ट्रीय सम्मान है। इससे पहले उन्हें फ्रांस, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, ग्रीस, मिस्र, भूटान, मॉरीशस, स्लोवाकिया सहित कई देशों के सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
स्वर्ण जयंती समारोह में बने मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर हैं। उन्हें सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों का दल और भारतीय नौसेना के जहाज भी समारोह में भाग ले रहे हैं, जो दोनों देशों के गहरे रणनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।








