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तहसीलदार के आदेश को ठेंगा: मियाद बीतने के बाद भी नहीं हटा शासकीय भूमि से अतिक्रमण

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दीपक ठाकुर/सक्ती (छत्तीसगढ़)।

जिला सक्ती के नया बाराद्वार तहसील में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। न्यायालय तहसीलदार नया बाराद्वार द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए बाकायदा लिखित ज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के महीनों बाद भी आज तक मौके पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है।

प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, नया बाराद्वार निवासी मंगलू राम कंवर (पिता लीलाधर सिंह कंवर) द्वारा ग्राम नया बाराद्वार में स्थित शासकीय भूमि (छोटे झाड़ जंगल घास मद की भूमि, खसरा नंबर 108/1, कुल रकबा 14.245 हेक्टेयर) में से 0.008 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है।

इस मामले में तहसीलदार न्यायालय द्वारा 06 नवंबर 2025 को ही अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया गया था। लेकिन अनावेदक द्वारा आदेश का पालन न किए जाने पर, तहसीलदार कार्यालय ने 11 फरवरी 2026 को एक कड़ा ज्ञापन (क्रमांक 9/तह./रीडर/2026) जारी किया था।

तहसीलदार द्वारा जारी इस ज्ञापन में राजस्व निरीक्षक (RI), पटवारी (हल्का नंबर 11) और माल जमादार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे 26 फरवरी 2026 को मौके पर जाकर अनिवार्य रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करें और पालन प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करें।

इतना ही नहीं, इस कार्यवाही के लिए मुख्य नगर पंचायत अधिकारी और थाना प्रभारी नया बाराद्वार को भी पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल उपलब्ध कराने हेतु प्रतिलिपि भेजी गई थी।

हैरानी की बात यह है कि फरवरी माह में ही अतिक्रमण हटाने की तिथि (26.02.2026) तय होने और पुलिस बल की मांग किए जाने के बावजूद, आज तक धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। शासन की कीमती जमीन पर अवैध कब्जा बरकरार है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब खुद तहसीलदार न्यायालय के लिखित आदेश पर महीनों तक कोई अमल नहीं होता, तो आम जनता का प्रशासनिक व्यवस्था से भरोसा उठना लाजिमी है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारी संज्ञान लेकर कब तक ठोस दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करते हैं।

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