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डिजिटल प्रशासनिक प्रणालियों पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न: जिले के कर्मचारियों को सिखाए गए ऑनलाइन पोर्टलों के सभी तकनीकी पहलू

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एमसीबी संवाददाता – हनुमान प्रसाद यादव

एमसीबी// कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार आज कलेक्टर कार्यालय में जिले के विभिन्न विभागों के सहायक ग्रेड-1, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 के साथ-साथ संविदा एवं कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए डिजिटल प्रशासनिक प्रणालियों के प्रभावी संचालन एवं शासन की ऑनलाइन सेवाओं के कुशल क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन पोर्टलों के उपयोग में दक्ष बनाना, कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता एवं गति लाना तथा नागरिकों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में ईडीएम नारायण केवट एवं श्रवण कुमार ने सभी विषयों पर चरणबद्ध एवं व्यावहारिक तरीके से विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

प्रशिक्षण के दौरान IGOT प्लेटफॉर्म की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि यह शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के क्षमता विकास का राष्ट्रीय डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म है। कर्मचारियों को पोर्टल पर मोबाइल नंबर अथवा शासकीय ई-मेल आईडी के माध्यम से पंजीयन, ओटीपी सत्यापन, सुरक्षित लॉगिन, प्रोफाइल अपडेट, विभाग एवं पदनाम की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही विभिन्न ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में नामांकन, अनिवार्य कोर्स पूर्ण करने, वीडियो मॉड्यूल एवं अध्ययन सामग्री का उपयोग, ऑनलाइन मूल्यांकन (Assessment) देने तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया।
इसके बाद e- HRMS की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि यह राज्य शासन का मानव संसाधन प्रबंधन पोर्टल है, जिसके माध्यम से कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, व्यक्तिगत जानकारी, अवकाश, स्थानांतरण, पदस्थापना, सेवा विवरण, वेतन संबंधी अभिलेख एवं अन्य सेवा रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन किया जाता है। प्रशिक्षण में कर्मचारियों को यूजर आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन करना, प्रथम बार पासवर्ड बदलना, व्यक्तिगत प्रोफाइल अपडेट करना, आधार, पैन, बैंक विवरण, शैक्षणिक योग्यता, सेवा विवरण दर्ज करना, ऑनलाइन अवकाश आवेदन करना, सेवा पुस्तिका का सत्यापन करना तथा आवश्यक प्रविष्टियों को समय-समय पर अद्यतन रखने की प्रक्रिया समझाई गई।
इसके साथ ही प्रशिक्षण में MDO पोर्टल के उपयोग पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से विभागीय कार्यों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग, योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लक्ष्य एवं उपलब्धियों की प्रविष्टि, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना, समयबद्ध रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करना तथा विभागीय सूचनाओं का अद्यतन संधारण किया जाता है। कर्मचारियों को डैशबोर्ड का उपयोग, रिपोर्ट जनरेट करने, त्रुटियों का निराकरण तथा सही एवं अद्यतन जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया का भी प्रशिक्षण दिया गया।
इसके साथ उसके अलावा e-Office प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि यह पेपरलेस कार्यालय व्यवस्था की दिशा में शासन की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से फाइलों का ऑनलाइन संचालन, पत्राचार, अनुमोदन, दस्तावेजों का सुरक्षित संधारण एवं त्वरित निस्तारण संभव होता है। कर्मचारियों को नई ई-फाइल तैयार करना, प्राप्त पत्रों का पंजीयन, डिजिटल नोटशीट तैयार करना, दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करना, संबंधित अधिकारी को फाइल अग्रेषित करना, डिजिटल हस्ताक्षर ( Digital Signature ) का उपयोग, फाइल की स्थिति देखना तथा ऑनलाइन अनुमोदन एवं निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान ईडीएम नारायण केवट एवं श्रवण कुमार ने सभी पोर्टलों के तकनीकी पहलुओं, सुरक्षित लॉगिन प्रक्रिया, डेटा एंट्री, सामान्य तकनीकी त्रुटियों के निराकरण, समय-सीमा के पालन, मजबूत पासवर्ड के उपयोग, साइबर सुरक्षा संबंधी सावधानियों तथा डिजिटल कार्य प्रणाली में अपनाई जाने वाली आवश्यक प्रक्रियाओं की भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से पोर्टलों का उपयोग करें तथा शासन द्वारा जारी नवीन निर्देशों के अनुरूप अपने कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मचारियों से कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्रशासन सुशासन की आधारशिला है। प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह शासन के सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सही एवं प्रभावी उपयोग करते हुए कार्यालयीन कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्षता सुनिश्चित करे। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का व्यवहारिक उपयोग करने, सभी डिजिटल प्रणालियों में नियमित रूप से जानकारी अद्यतन रखने तथा नागरिकों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के सहायक ग्रेड-1, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, संविदा कर्मचारी एवं कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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