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छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीखी नोकझोंक, भूपेश बघेल और अजय चंद्राकर के बीच जमकर हुई बहस

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रघुराज/​रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र इन दिनों काफी गरमाया हुआ है। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है। हाल ही में विधानसभा में एक ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर जमकर व्यक्तिगत और राजनीतिक तंज कसे। दोनों के बीच की इस बहस ने सदन का तापमान बढ़ा दिया और बाकी सदस्य इस टकराव को मूकदर्शक बनकर देखते रहे।

​छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह पूरा विवाद रायपुर में बने सेवाग्राम प्रोजेक्ट, अंतरराष्ट्रीय टेनिस अकादमी और अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल के बजट और उनकी उपयोगिता को लेकर शुरू हुआ। अजय चंद्राकर ने सदन में पिछली कांग्रेस सरकार के समय के प्रोजेक्ट्स पर सवाल उठाते हुए इसे जनता के पैसे की बर्बादी करार दिया। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस योजना, बिना किसी सेटअप और बिना किसी स्पष्ट दृष्टिकोण दस्तावेज के करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए। उन्होंने पूछा कि क्या यह लोक धन का दुरुपयोग और वित्तीय नियमों का उल्लंघन नहीं है?

​जब अजय चंद्राकर पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे और इसे स्वेच्छाचारिता बता रहे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सदन में अपनी सीट पर खड़े हो गए और उन्होंने चंद्राकर के सवालों पर आपत्ति जताई। भूपेश बघेल ने कहा कि जब वह नियम और प्रक्रिया के तहत अपनी बात रख रहे हैं, तो अजय चंद्राकर बार-बार स्पष्टीकरण क्यों दे रहे हैं। बघेल ने कड़े लहजे में पूछा कि जब मैं अध्यक्ष की अनुमति से खड़ा हूं, तो बार-बार टोकने वाले आप कौन होते हैं? इस पर अजय चंद्राकर ने भी पलटवार करते हुए कहा कि आप कौन होते हैं टोकने वाले?

​इस तीखी बहस के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के ज्ञान पर भी टिप्पणी की। अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल पर तंज कसते हुए कहा कि ज्यादा ज्ञान होने से बहुत तकलीफ होती है। इसके जवाब में भूपेश बघेल ने तुरंत पलटवार किया और कहा कि आपके ज्ञान को तो पूरा प्रदेश भुगत रहा है, मेरे ज्ञान को छोड़िए। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बयानबाजी से सदन में काफी देर तक हंगामा चलता रहा और विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा।

​अजय चंद्राकर ने पिछली सरकार के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नया रायपुर में बने अंतरराष्ट्रीय बोर्डिंग स्कूल पर लगभग 49 से 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन उसका हॉस्टल केवल 350 लोगों की क्षमता का बना है जबकि क्षमता 700 लोगों की बताई जा रही थी। यह कब और कैसे शुरू होगा, इसका किसी को नहीं पता। इसी तरह, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टेनिस अकादमी पर 27 करोड़ रुपये और रायपुर स्थित सेवाग्राम प्रोजेक्ट पर 129 करोड़ रुपये स्वीकृत होने और उनमें से करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी कोई स्पष्ट संचालन योजना न होने पर गंभीर सवाल उठाए। चंद्राकर ने इसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।

​इस पर विभागीय मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि ये तीनों प्रोजेक्ट पिछली सरकार के समय के हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछली सरकार के समय इन प्रोजेक्ट्स को लेकर फाइलों में कोई ठोस योजना या कंक्रीट डॉक्यूमेंट नहीं मिला। मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान भाजपा सरकार इन प्रोजेक्ट्स के बेहतर संचालन के लिए देश के ख्याति प्राप्त संस्थानों से संपर्क कर रही है ताकि जनता के पैसे का सही उपयोग हो सके। मंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में लोक धन का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

​विधानसभा में हुई इस बहस के दौरान दोनों नेताओं के पारिवारिक रिश्तों की भी चर्चा हुई। अजय चंद्राकर ने मजाकिया लहजे में कहा कि भूपेश बघेल और उनके परिवार के लोग कलाकार हैं, जिस पर भूपेश बघेल ने जवाब दिया कि चंद्राकर के चाचा उनके राजनीतिक गुरु रहे हैं। हालांकि दोनों ने बाद में यह स्पष्ट किया कि वे आपस में रिश्तेदार नहीं हैं, लेकिन गुरु-भाई जैसे संबंध जरूर हैं। इस तीखे और हल्के-फुल्के घटनाक्रम का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

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