संवाददाता – रोशनी सोनी
जांजगीर-चांपा/शिवरीनारायण। शिवरीनारायण नगर पंचायत कार्यालय में अध्यक्ष के चेंबर के भीतर गोरक्षकों के साथ कथित गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने एल्डरमैन समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं बजरंग दल और गोरक्षक संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिवरीनारायण थाना पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और नगर पंचायत अध्यक्ष पर भी कार्रवाई की मांग उठाई।
अध्यक्ष के कक्ष में हुई कथित मारपीट
पीड़ित पक्ष के अनुसार, 14 जुलाई को कुछ गोरक्षकों ने बिलासपुर रोड स्थित गायत्री मंदिर के पास मवेशी ले जा रहे कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया।
आरोप है कि अगले दिन 15 जुलाई को नगर पंचायत के एल्डरमैन आयुष केडिया ने मोबाइल पर संपर्क कर गोरक्षक सूरज यादव को बैठक के बहाने नगर पंचायत कार्यालय बुलाया। उनके साथ गोपाल कश्यप और सूरज केशरवानी भी पहुंचे। आरोप है कि अध्यक्ष राहुल थवाईत के चेंबर में पहले से अध्यक्ष, एल्डरमैन आयुष केडिया, बुद्धेश्वर केशरवानी और मवेशी ठेकेदार आनंद केडिया मौजूद थे। बातचीत के दौरान 14 जुलाई की घटना को लेकर विवाद शुरू हुआ और कथित रूप से गाली-गलौज के बाद मारपीट की गई।
पीड़ितों का आरोप है कि पूरी घटना के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत चेंबर में मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया।

तीन आरोपियों पर FIR
घटना की शिकायत के बाद शिवरीनारायण पुलिस ने आनंद केडिया, बुद्धेश्वर केशरवानी और आयुष केडिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 351(3), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
थाने का घेराव, अध्यक्ष पर भी कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही जांजगीर, कोरबा और आसपास के क्षेत्रों से बजरंग दल एवं गोरक्षक संगठन के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शिवरीनारायण थाना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही भाजपा संगठन से नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, एल्डरमैन आयुष केडिया और बुद्धेश्वर केशरवानी को उनके पदों से हटाने की मांग भी की।

अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल और गोरक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत पर गौ-तस्करी से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि अध्यक्ष की भूमिका निष्पक्ष होती तो घटना उनके चेंबर में नहीं होती और वे स्वयं आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराते। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और अध्यक्ष की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

एल्डरमैन पर दबंगई के आरोप
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि एल्डरमैन नियुक्त होने के बाद आयुष केडिया का प्रभाव बढ़ा है और उन पर दबंगई व धमकाने के आरोप लगते रहे हैं। हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अध्यक्ष की भूमिका पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद नगर में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। विपक्ष और प्रदर्शनकारी संगठनों का आरोप है कि घटना के दौरान उनकी मौजूदगी और चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। वहीं पुलिस ने फिलहाल केवल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।







