दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा रूपी रोशनी प्रदान कर उनके जीवन को सफल बनाना हमारा मकसद है, यह उद्गार व्यक्त करते हुए शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल ने बताया कि हमारे दृष्टिबाधित बच्चों के नेत्रों में यद्यपि दृष्टि नहीं है पर उनके अंतर्निहित स्पर्श ज्ञान शक्ति के बल पर वे लगातार परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं, यह हम सबके लिए उत्साह जनक संदेश है।
विशिष्ट अतिथि प्राचार्य पूरन गिरि गोस्वामी ने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि आप सब विद्यालय के विकास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।

संरक्षक एवं उद्योगपति जसबीर सिंह चावला ने विद्यालय के प्रगति को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत दृष्टिबाधित बच्चे ईश्वर की अनुपम देन है जिन्हें आम बच्चों की तरह सहजने व संवारने की जिम्मेदारी सबकी है जिसे हम भलीभांति स्वीकार करें।


विद्यालय के पूर्व छात्र एवं सीपत केंद्र के संचालक चंद्रकांत लहरे ने स्कूल के बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना किया।
शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की शुरुवात मां भारती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ साथ हुआ पश्चात विद्यालय के प्राचार्य ज्योति महंत ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया तो वहीं नवप्रवेशी 6 छात्र एवं 3 छात्राओं का अतिथियों ने पुष्प भेंटकर अभिनंदन किया। पश्चात बच्चों ने शानदार स्वागत गीत प्रस्तुत किया तथा विद्यालय की संचालिका बिंदेश्वरी आदिले ने स्वागत भाषण के साथ विद्यालय प्रतिवेदन पेश करते हुए कहा कि आप सबके सहयोग से विद्यालय निश्चित रुप से विकास करेगा।
इस प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का संचालन करते हुए स्कूल के संस्थापक जसवंत आदिले ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। आज इस आयोजन में विद्यालय के शिक्षक ऋषभ तिवारी, कोमल पटेल आदि के साथ पालकों की गरिमामय उपस्थिति रही







