आरंग संवाददाता – सोमन साहू
सदगुरु के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण का महापर्व है गुरूपूर्णिमा आरंग,,, हमारे जीवन में गुरु की भूमिका केवट की तरह है जिनकी कृपा से संसारी जीव जीवन मुक्त होकर भवसागर पार उतर जाता है गुरु के बताए मार्ग पर चलना सच्ची गुरु दक्षिणा है उक्त प्रेरक विचार भगवताचार्य पं सत्यम दीवान के हैं आचार्य सत्यम 29 जुलाई को पावन ग्राम रसनी के मानस भवन में सनातन धर्म परिषद एवं समस्त ग्रामवासी के तत्वाधान में आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव में बोल रहे थे उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर रूठ जाए तो गुरु देव भगवान बचा लेंगे और कहीं गुरु रूठ जाए तो कही शरण मिलने वाला नहीं है

इस कड़ी में सनातन धर्म परिषद के ओजस्वी प्रवक्ता पं छत्रधर दीवान पवन ने कहा कि संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा के शुभारंभ व समापन में गुरुदेव की वंदना की है इसका रहस्य उद्घाटित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि गुरु वह शक्ति है जो परमात्मा से परिचय करा दे क्योंकि तुलसीदास जी को राम जी का दर्शन हुआ पर पहचान नहीं पाए तो हनुमान जी ने शुक रूप धारण कर गोस्वामी तुलसीदास जी को राम जी का परिचय कराया इस धार्मिक आयोजन में संगीत पक्ष में सन्नी देवदास, कमलेश पटेल, दीपक साहू, साथ ही दाऊ हेमराम चंद्राकर दीनबंधु साहू, अरुण साहू, भुवनेश्वर साहू साउंड रसनी, प्रणव साहू, हेमनाथ साहू, का इस पुण्य आयोजन में सराहनीय सहयोग रहा







