Home मुख्य ख़बरें रायपुर के अभनपुर में चौकीदार हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पत्नी...

रायपुर के अभनपुर में चौकीदार हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पत्नी गिरफ्तार

4
0

रघुराज –

अभनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम टोकरो में हुई चौकीदार परमेश्वर सिदार की सनसनीखेज हत्या के मामले को रायपुर पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करते हुए मृतक की पत्नी तिजियाबाई सिदार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पति द्वारा अपनी ही मासूम बेटी के साथ अभद्र व गलत हरकत करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे देखकर आक्रोशित पत्नी ने साड़ी के पल्लू से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

घटनाक्रम और शव मिलने की सूचना
4 अगस्त 2026 की सुबह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे अभनपुर इलाके के ग्राम टोकरो में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के छांटा तालाब पार में स्थित एक टिननुमा गोदाम के सामने एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ। यह शव तालाब के चौकीदार परमेश्वर सिदार का था। सुबह लगभग 6 बजे तालाब के मालिक शैलेन्द्र देवांगन ने गोदाम के सामने चौकीदार को अचेत अवस्था में पड़े हुए देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि उसकी मृत्यु हो चुकी है।

शैलेन्द्र देवांगन ने बिना किसी देरी के इस पूरी घटना की सूचना स्थानीय अभनपुर थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर तुरंत घटनास्थल ग्राम टोकरो पहुंची।

स्थल निरीक्षण और प्राथमिक जांच
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने जब शव का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया तो मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। मृतक परमेश्वर सिदार का शव जमीन पर चित अवस्था में पड़ा हुआ था। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने शव के आसपास के इलाके की घेराबंदी की और बारीकी से जांच शुरू की।

शारीरिक निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पाया कि मृतक के गले में बाएं कान के ठीक नीचे दबाने और चोट के स्पष्ट निशान मौजूद थे। इन निशानों से प्रथम दृष्टया यह साफ जाहिर हो रहा था कि किसी व्यक्ति ने बड़ी क्रूरता से गला दबाकर उसकी हत्या की है।

अपराध दर्ज और जांच की शुरुआत
शुरुआती साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अभनपुर पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना। अज्ञात आरोपी के खिलाफ थाना अभनपुर में अपराध क्रमांक 262/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई, जिसमें घटनास्थल का गहन निरीक्षण, आसपास रहने वाले लोगों और ग्रामीणों से पूछताछ, तथा तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का संकलन शामिल था।

संदेही की पहचान और हिरासत
जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने मृतक के पारिवारिक पृष्ठभूमि और अंतिम समय में उसके साथ मौजूद लोगों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी तिजियाबाई सिदार पर संदेह गहराया।

26 वर्षीय तिजियाबाई सिदार, जो मूल रूप से ग्राम तोरला, पोस्ट सक्ती, थाना झरबन, जिला बरगढ़ (ओडिशा) की रहने वाली थी, उसे पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लेकर जब उससे कड़ाई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और हत्या के पीछे की पूरी कहानी बयां कर दी।

हत्या की मुख्य वजह और आरोपी का कबूलनामा
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत पूछताछ में आरोपी तिजियाबाई सिदार ने बताया कि उसका पति परमेश्वर सिदार छांटा तालाब में चौकीदारी का काम करता था। वह अत्यधिक शराब पीने का आदी था और शराब के नशे में अक्सर उसके चरित्र पर बेवजह संदेह करता था। चरित्र पर शक करने की बात को लेकर वह आए दिन उसके साथ मारपीट और शारीरिक प्रताड़ना भी करता था।

घटना वाली रात यानी 3 अगस्त 2026 की रात के घटनाक्रम का खुलासा करते हुए महिला ने बताया कि वह रात में लघुशंका के लिए बाहर मैदान की तरफ गई हुई थी। जब वह वापस लौटी तो उसने गोदाम के पास जो नजारा देखा, उससे उसके होश उड़ गए। उसने देखा कि उसका पति परमेश्वर सिदार अपनी ही मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश कर रहा था।

गुस्से में उठाया खौफनाक कदम
अपनी ही बेटी के साथ पति की इस घिनौनी करतूत को देखकर तिजियाबाई सिदार आपे से बाहर हो गई। मां के मन में अपनी बच्ची की सुरक्षा को लेकर भारी आक्रोश पैदा हो गया। उसने बिना कुछ सोचे-समझे तुरंत अपनी पहनी हुई साड़ी का पल्लू निकाला और परमेश्वर सिदार के गले में लपेट दिया।

उसने पूरे जोर से साड़ी के पल्लू को खींचकर पति का गला दबाना शुरू कर दिया। परमेश्वर सिदार ने छटपटाने की कोशिश की, लेकिन महिला ने तब तक गला दबाए रखा जब तक कि उसकी सांसें पूरी तरह थम नहीं गईं। पति की मौत सुनिश्चित करने के बाद वह डर के मारे वहां से हट गई और घटना को छिपाने का प्रयास किया।

न्यायिक रिमांड और कानूनी प्रक्रिया
आरोपी महिला द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने और उसके पास से घटना में प्रयुक्त साक्ष्य जुटाने के बाद अभनपुर पुलिस ने तिजियाबाई सिदार को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले से जुड़ी सभी कानूनी प्रक्रियाएं और कागजी कार्रवाई पूरी की।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और प्रस्तुत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी तिजियाबाई सिदार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में चालान तैयार कर जल्द ही अदालत में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है।

गांव में सनसनी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
ग्राम टोकरो में हुई इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। एक तरफ जहां पिता द्वारा अपनी ही बेटी के साथ इस तरह का कृत्य करने के प्रयास से लोग हैरान हैं, वहीं दूसरी तरफ घटना के तुरंत बाद पुलिस की मुस्तैदी की सराहना की जा रही है।

अभनपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और सटीक रणनीतिक पूछताछ के कारण ही महज 24 घंटे के अंदर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाया जा सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों को सजा दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here