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Telegram पर फ्री में फिल्में देखना होगा मुश्किल! सरकार ने 7,393 URLs किए ब्लॉक, 5,000 चैनलों पर कार्रवाई

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अगर आप Telegram या दूसरी वेबसाइटों पर फ्री में नई फिल्में देखते हैं, तो आने वाले दिनों में ऐसा करना आसान नहीं होगा। केंद्र सरकार ने Online Movie Piracy के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। सरकार ने फिल्म पाइरेसी से जुड़े करीब 5,000 Telegram Channels, 1,263 Websites समेत कुल 7,393 URLs को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।

सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर बिना अनुमति फिल्मों की कॉपी शेयर की जा रही थी, जिससे फिल्म इंडस्ट्री और OTT Platforms को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार ऑनलाइन फिल्म पाइरेसी रोकने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है।

सरकार ने बताया कि जब किसी फिल्म या कंटेंट के Copyright Holder की ओर से शिकायत मिलती है, तो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अधिकृत अधिकारी संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वेबसाइट या ऑनलाइन सेवा को नोटिस जारी करता है।

इसके बाद नियमों के तहत संबंधित प्लेटफॉर्म को पायरेटेड कंटेंट हटाने या उसकी पहुंच (Access) बंद करने का निर्देश दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर URL ब्लॉक करने की कार्रवाई भी की जाती है।

5,000 Telegram Channels और 1,263 Websites पर कार्रवाई

करीब 5,000 Telegram Channels, 1,263 Websites समेत कुल 7,393 URLs को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर बिना अनुमति नई फिल्मों और अन्य कॉपीराइट कंटेंट की कॉपी उपलब्ध कराई जा रही थी।

OTT Platforms और फिल्म इंडस्ट्री को होगा फायदा

फिल्म पाइरेसी की वजह से हर साल फिल्म निर्माताओं और OTT Platforms को करोड़ों रुपए का नुकसान होता है। जब लोग नई फिल्में मुफ्त में पायरेटेड वेबसाइटों या Telegram चैनलों पर देख लेते हैं, तो OTT प्लेटफॉर्म्स की Subscription Revenue और विज्ञापनों से होने वाली कमाई प्रभावित होती है।

सरकार का मानना है कि पाइरेसी पर रोक लगने से कानूनी प्लेटफॉर्म्स की आय बढ़ेगी। इससे वे नई फिल्मों, वेब सीरीज और ओरिजिनल कंटेंट पर ज्यादा निवेश कर सकेंगे।

क्या सिर्फ वेबसाइट ब्लॉक करने से खत्म हो जाएगी पाइरेसी?

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वेबसाइट या Telegram चैनल ब्लॉक कर देने से फिल्म पाइरेसी पूरी तरह खत्म नहीं होगी। उनके अनुसार, लोगों को कम कीमत में, आसान तरीके से और अच्छी क्वालिटी में कानूनी कंटेंट उपलब्ध कराना भी जरूरी है। जब दर्शकों को उचित कीमत पर बेहतर सुविधा मिलेगी, तो वे खुद ही पायरेटेड कंटेंट से दूरी बनाने लगेंगे।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

सरकार की इस कार्रवाई के बाद Telegram और दूसरी वेबसाइटों पर मुफ्त में उपलब्ध पायरेटेड फिल्मों तक पहुंच पहले की तुलना में मुश्किल हो सकती है।

हालांकि, यह कार्रवाई केवल कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले चैनलों, वेबसाइटों और URLs के खिलाफ है। सामान्य Telegram यूजर्स या वैध कंटेंट देखने वालों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

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