बृजेश चतुर्वेदी/केदमा। कांवड़िया सेवा संघ केदमा के तत्वावधान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। यात्रा रेड नदी के उद्गम स्थल मटरिंगा से केदमा स्थित शिव मंदिर तक करीब 20 किलोमीटर की रही। शिवभक्त कांवड़ियों ने मटरिंगा स्थित रेड नदी के उद्गम स्थल से पवित्र जल लेकर केदमा पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
पहाड़ी-पथरीली राह भी नहीं डिगा सकी शिवभक्तों के कदम
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। पहाड़ी एवं पथरीली पगडंडियां, लगातार झमाझम बारिश और उफनती नदी भी कांवड़ियों की आस्था को डिगा नहीं सकीं। बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शिवभक्त पूरे उत्साह से अपनी मंजिल की ओर बढ़ते रहे।
कांवड़ियों की श्रद्धा और उत्साह देखते ही बन रहा था। कठिन रास्तों के बावजूद सभी ने अनुशासन और उत्साह के साथ यात्रा पूरी की और केदमा पहुंचकर शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक किया।
सेवा में जुटे रहे श्रद्धालु
कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुविधा और सेवा के लिए मार्ग में जगह-जगह जलपान की व्यवस्था की गई थी। चाय, शरबत, पोहा, फल एवं मिठाइयों सहित अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराकर कांवड़ियों का स्वागत एवं सेवा की गई।

वर्षों पुरानी परंपरा को निभा रहे शिवभक्त
बताया गया कि मटरिंगा से केदमा तक कांवड़ यात्रा की यह परंपरा विगत अनेक वर्षों से निरंतर चली आ रही है। हर वर्ष बड़ी संख्या में शिवभक्त इस धार्मिक यात्रा में शामिल होकर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
इस अवसर पर अशोक अग्रवाल, दयानंद अग्रवाल, विनोद हर्ष, बृजेश चतुर्वेदी, रोशन सिंह, श्यामाकांत, विसहु राम, माहेश्वर पैकरा, संजय मझवार, ग्राम कोटवार उजागर सिंह, दिलबहाल दास, दीनानाथ यादव, अनूप विश्वास, रामलाल सिंह, शिवशंकर पैकरा, सियाम्बर यादव सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त एवं सेवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







