नगरी। आदिवासी हल्बा समाज उपगढ़ नगरी में युवा प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के युवाओं एवं युक्तियों को संगठित करने, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, संस्कार, सेवा एवं नेतृत्व को बढ़ावा देने सहित समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान युक्ति संगठन का गठन करते हुए नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का चयन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम मां दंतेश्वरी माई, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं हल्बा समाज के वीर नायक गैंद सिंह जी की पूजा-अर्चना एवं श्रद्धापूर्वक स्मरण के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा प्रभाग उपगढ़ नगरी के अध्यक्ष नवीन गौर ने की।
बैठक में केंद्रीय युवा प्रभाग अध्यक्ष श्रीधन सोम, उपगढ़ नगरी कर्मचारी सचिव यतींद्र गौर, युवा प्रभाग उपाध्यक्ष हुलास चिंण्डा, सहसचिव खेमचंद पुजारी एवं गढ़ सिहावा मीडिया प्रभारी विकास शांडिल्य सहित समाज के युवा पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

युक्ति संगठन का गठन
बैठक के दौरान उपगढ़ नगरी के युवा प्रकोष्ठ द्वारा युक्ति संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। समाज की बेटियों को केवल समाज का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की मजबूत शक्ति बताते हुए उन्हें शिक्षा, संस्कार, सेवा और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष पद पर कु. निक्की कश्यप, कु. श्वेता कश्यप एवं कु. अंजलि पुजारी तथा सचिव पद पर कु. मेघा देव का चयन किया गया। नवगठित संगठन से समाज की युवतियों को सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद जताई गई।
शिक्षा और सामाजिक विकास पर जोर
बैठक में सामाजिक उत्थान, शिक्षा, समाज के विकास और युवाओं की भूमिका को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। युवा प्रभाग अध्यक्ष नवीन गौर ने समाज के इतिहास और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को संगठित एवं आगे बढ़ाने के लिए युवा और युक्ति वर्ग की सक्रिय भागीदारी तथा समाज के प्रति उनका योगदान बेहद आवश्यक है।
केंद्रीय युवा प्रभाग अध्यक्ष श्रीधन सोम ने युवाओं को संवैधानिक अधिकारों एवं आदिवासी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि “शिक्षित युवा, जागरूक समाज और मजबूत भविष्य की पहचान है। इसलिए हर युवा शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए और दूसरों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित करे।”
उपगढ़ नगरी कर्मचारी सचिव यतींद्र गौर ने समाज में शिक्षा की वर्तमान स्थिति एवं नई दिशा की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने समाज में जागरूकता, एकता और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।
वहीं गढ़ सिहावा मीडिया प्रभारी विकास शांडिल्य ने हल्बा समाज के इतिहास, रीति-रिवाज एवं सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं एवं युक्तियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
17 गांवों के युवाओं ने लिया एकता का संकल्प
बैठक में उपगढ़ नगरी क्षेत्र के 17 गांवों के युवा एवं युक्ति वर्ग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान विभिन्न गांवों से आए युवाओं ने समाज के विकास को लेकर अपने-अपने विचार रखे और शिक्षा, संगठन, सामाजिक जागरूकता तथा युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुझाव दिए।
अंत में सभी उपस्थित युवाओं एवं समाजजनों ने समाज की एकता, अखंडता और संगठन को मजबूत बनाए रखने तथा सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने समाज में नई ऊर्जा और उत्साह का संदेश दिया। बैठक के माध्यम से आदिवासी हल्बा समाज के युवा एवं युक्ति वर्ग को संगठित कर सामाजिक विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।







