संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाओं के निर्माण के साथ विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हिंदी की व्यथा को किया जीवंत
हिंदी दिवस एवं गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर एचजीएम जय भारत इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रांगण में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, पर्यावरण संरक्षण एवं हिंदी भाषा के प्रति सम्मान को समर्पित विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम विद्यालय की प्राचार्या गुरमीत कौर धनजल मैम के मार्गदर्शन एवं विद्यालय प्रबंधन के दिशा-निर्देशन में उत्साहपूर्वक तथा अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।
गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में कक्षा 3 से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए पर्यावरण-अनुकूल सामग्री से आकर्षक गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया गया।

वहीं हिंदी दिवस के अवसर पर कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों द्वारा हिंदी भाषा के सम्मान में एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी सशक्त प्रस्तुति के माध्यम से हिंदी भाषा की वर्तमान स्थिति, उसकी उपेक्षा तथा हिंदी के प्रति समाज की बदलती सोच को अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक ने उपस्थित दर्शकों को हिंदी के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित किया और अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान एवं गौरव की भावना जागृत की। विद्यालय के हिंदी शिक्षक विनय तिवारी, शिक्षिका अंजू यादव ने हिंदी दिवस के पावन अवसर पर हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, सम्मान एवं गौरव की भावना को अभिव्यक्त करते हुए सुंदर एवं प्रेरणादायक भाषण तथा मनमोहक कविताएँ प्रेषित की गईं। इन रचनाओं के माध्यम से हिंदी के महत्व, उसकी समृद्धता एवं हमारी संस्कृति में उसके विशेष स्थान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक अजय कुमार गट्टानी, प्राचार्या गुरमीत कौर धनजल मैम,सीईओ हर्षित गट्टानी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन एवं प्राचार्या ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता, सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक मूल्यों एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करती हैं।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का उत्साह देखते ही बनता था। हिंदी दिवस और गणेश चतुर्थी के इस संयुक्त आयोजन ने भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और हिंदी भाषा के सम्मान का सुंदर संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में हुआ।







