Home छत्तीसगढ़ क्यों नहीं: रिश्तों, प्यार और अपनापन पर राजकुमार सोनी की भावपूर्ण कविता,...

क्यों नहीं: रिश्तों, प्यार और अपनापन पर राजकुमार सोनी की भावपूर्ण कविता, पढ़िए पूरी रचना

8
0

राजकुमार सोनी, नया रायपुर की कविता ‘क्यों नहीं’ रिश्तों में बढ़ती दूरियों, प्रेम और अपनापन की अनकही भावनाओं को शब्द देती है।
कविता में लेखक ने संवाद, साथ और मुश्किल समय में अपनों के प्रति संवेदनशीलता की जरूरत को सहज अंदाज में प्रस्तुत किया है।

क्यों नहीं

राजकुमार सोनी, नया रायपुर

आज़माते हैं लोग बहुत, क़रीब आते क्यों नहीं,
सितम ढाते रहते हैं, दिल बहलाते क्यों नहीं।

दिल की बातें दिल में रखते, कुछ बताते क्यों नहीं,
पास आकर यूँ ही चुप रहते, मुस्कुराते क्यों नहीं।

रूठते हैं लोग अक्सर, फिर मनाते क्यों नहीं,
दूरियाँ बढ़ती ही जातीं, पास आते क्यों नहीं।

याद करते हैं ज़रूर, ख़ुद बुलाते क्यों नहीं,
दिल में हो कोई बात अगर, तो फिर बताते क्यों नहीं।

प्यार दिल में हो अगर, तो ज़ुबाँ पर लाते क्यों नहीं,
अपनापन है अगर दिल में, फिर उसे जताते क्यों नहीं।

मुसीबत में जब हों अपने, पास आते क्यों नहीं,
आँखों में दर्द छलके कभी, तो समझ पाते क्यों नहीं।

राह जब कठिन लगे, तो हाथ बँटाते क्यों नहीं,
मंज़िल हो दूर अगर, साथ-साथ चलते क्यों नहीं।

रिश्तों में दरार पड़ जाए, तो सुलझाते क्यों नहीं,
प्यार में खिंचाव आ जाए, उसे मिटाते क्यों नहीं।

ज़िंदगी में जद्दोजहद हो, तो हौसला देते क्यों नहीं,
ज़िंदगी मझधार में हो अगर, तो किनारा दिखाते क्यों नहीं।

‘क्यों नहीं’ राजकुमार सोनी, नया रायपुर की भावपूर्ण कविता है, जो रिश्तों, अपनापन, प्रेम, दूरियों और मुश्किल समय में साथ निभाने की भावनाओं को सहज शब्दों में व्यक्त करती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here