पार्षदों और ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, 7-8 घंटे चला प्रदर्शन; पांच दिन बाद चर्चा के आश्वासन पर समाप्त हुआ आंदोलन
गुरदीप सिंह/कुसमुंडा। खदान प्रभावित क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को स्थानीय पार्षदों और ग्रामीणों ने एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुबह करीब 8:30 बजे से शाम 4 बजे तक प्रदर्शनकारियों ने कुसमुंडा एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। तालाबंदी के कारण अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं कर सके, जिससे कार्यालयीन कामकाज प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के बाद दोपहर में सीजीएम एस.टी. पाटिल, तहसीलदार कटघोरा एवं दर्री की मौजूदगी में प्रबंधन, पार्षदों और ग्रामीणों के बीच कंप्रेस हॉल में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदर्शनकारियों की मांगों पर पांच दिन के भीतर चर्चा करने का आश्वासन दिया गया। प्रबंधन के आश्वासन के बाद करीब 7 से 8 घंटे चले आंदोलन को समाप्त किया गया।

त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होने से नाराज थे पार्षद
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के पार्षदों ने बुधवार को एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया था। पूर्व में त्रिपक्षीय वार्ता के लिए पत्र दिए जाने के बावजूद सकारात्मक पहल नहीं होने से पार्षदों और ग्रामीणों में नाराजगी थी।
इस संबंध में वार्ड क्रमांक 28 के पार्षद सरवन कुमार यादव, वार्ड क्रमांक 27 के पार्षद इंद्रजीत बिझवार, वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद राजकुमार कंवर तथा वार्ड क्रमांक 26 के पार्षद प्यारेलाल दिवाकर द्वारा पूर्व में एरिया महाप्रबंधक के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन में एरिया मुख्यालय एवं खदान क्षेत्र में अनिश्चितकालीन घेराव और तालाबंदी की चेतावनी दी गई थी। इसी के तहत बुधवार को आंदोलन किया गया।
गेवरा बस्ती के भू-विस्थापितों की समस्याओं का भी मुद्दा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि गत 4 सितंबर को अस्थायी रोजगार तथा ग्रामवासियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने की मांग को लेकर महाप्रबंधक को पत्र सौंपा गया था। इस पर अपेक्षित पहल नहीं होने के कारण पार्षदों एवं ग्रामीणों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, गेवरा बस्ती का भूमि अर्जन वर्ष 2014 में हो चुका है, लेकिन करीब 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवार रोजगार, मुआवजा और बसावट सहित विभिन्न सुविधाओं से वंचित हैं। उनका कहना है कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं का अब तक पूर्ण समाधान नहीं हो सका है।
केएनआर कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग
वर्तमान में एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में केएनआर कंपनी द्वारा विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी में अलग-अलग पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जिनके लिए क्षेत्र के कई शिक्षित एवं योग्य बेरोजगार युवा पात्र हैं।
पार्षदों और ग्रामीणों ने मांग की कि एसईसीएल प्रबंधन, केएनआर कंपनी, गेवरा बस्ती के भू-विस्थापितों एवं स्थानीय पार्षदों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की जाए। वार्ता के माध्यम से स्थानीय पात्र बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने तथा लंबित रोजगार, मुआवजा और बसावट से संबंधित मामलों पर उचित निर्णय लेने की मांग की गई।
आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
प्रबंधन की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने से नाराज जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बुधवार को जीएम कार्यालय के गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद तहसीलदार, प्रबंधन के अधिकारियों, पार्षदों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में बैठक हुई। बैठक में प्रबंधन ने मांगों पर पांच दिन बाद चर्चा करने का आश्वासन दिया।
आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। हालांकि, पार्षदों और ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आगे की रणनीति तय की जाएगी।







