केंद्र की मोदी सरकार ने पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। भारतीय विदेश मंत्रालय (Indian Ministry of External Affairs) के मुताबिक सरकार ने पासपोर्ट नियम-2026 लागू करते हुए बच्चों के पासपोर्ट की वैलिडिटी और आवेदन फीस में बदलाव किया है। नए नियमों से नाबालिगों के पासपोर्ट की अवधि साफ हो गई है। अब 15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट की वैधता 5 साल की होगी। विदेश मंत्रालय के नए नियमों के मुताबिक अब 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी 36 पेज वाला सामान्य पासपोर्ट अब जारी होने की तारीख से 5 साल तक वैध रहेगा।
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट संशोधन नियम 2026 को 17 सितंबर को सरकारी राजपत्र में जारी किया है। इन नियमों के जरिए 1980 के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। नोटिफिकेशन जारी होते ही ये नियम लागू हो गए हैं। नए नियमों में पासपोर्ट की फीस और बच्चों के पासपोर्ट की वैलिडिटी से जुड़े बदलाव किए गए हैं।
नए नियम के मुताबिकअगर बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले 18 साल का हो जाता है तो पासपोर्ट की वैधता उसी समय खत्म हो जाएगी। यानी कि 5 साल या 18 साल की उम्र, इनमें जो पहले आएगा, वही पासपोर्ट की वैधता की अंतिम सीमा होगी। वहीं अगर किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में बनता है तो वह 5 साल के लिए जारी होने के बावजूद बच्चे के 18 साल का होते ही खत्म हो जाएगा। संशोधित नियम 12(1ए) में बच्चों के 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की वैधता को लेकर नया प्रावधान जोड़ा गया है। साथ ही नियम 8 में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से जुड़ा प्रावधान भी बदला गया है। अब अलग-अलग श्रेणी के आवेदन के लिए शुल्क नियमों की अनुसूची-4 में तय राशि के अनुसार लिया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं की फीस भी बढ़ाई है। नई फीस 1 जुलाई से लागू है। इसमें नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट रिन्यू कराने, तत्काल सेवा, पासपोर्ट खोने या खराब होने पर नया पासपोर्ट और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट यानी पीसीसी जैसी सेवाएं शामिल हैं। 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है।







