-शाला अनुभव कार्यक्रम के तहत डीएलएड प्रशिक्षणार्थियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
रायपुर। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और दक्ष शिक्षक निर्माण को केंद्र में रखते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), रायपुर के निरीक्षण दल द्वारा डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष के शाला अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न प्राथमिक शालाओं का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण दल ने प्राथमिक शाला खम्हारडीह, प्राथमिक शाला पूरेना, प्राथमिक शाला श्यामनगर एवं संत कंवर राम शासकीय प्राथमिक शाला, कटोरा तालाब का भ्रमण कर विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था, कक्षा-कक्ष में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सहभागिता, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था सहित विभिन्न शैक्षिक एवं व्यवस्थागत पहलुओं का अवलोकन किया।

इस दौरान डीएलएड द्वितीय वर्ष के छात्र-अध्यापकों के शाला अनुभव कार्यक्रम में सहभागिता एवं दायित्व निर्वहन की भी समीक्षा की गई। प्रशिक्षणार्थियों को नियमित उपस्थिति, समयपालन, प्रभावी कक्षा-प्रबंधन, बाल-केंद्रित शिक्षण तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण कार्य करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया गया।
निरीक्षण दल में डाइट रायपुर की डॉ.अर्चना पाठक(सहायक प्राध्यापक एवं पी. एस. टी. ई. प्रभारी), एम.आर. साहू (सहायक अध्यापक),अजय मिश्रा , सुमिता सिकरवार (व्याख्याता) शामिल रहे।
निरीक्षण दल ने कहा कि शाला अनुभव केवल प्रशिक्षण की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावी शिक्षक के व्यक्तित्व और शिक्षकीय दक्षता को गढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। विद्यालय में प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से प्रशिक्षणार्थी बच्चों की सीखने कीआवश्यकताओं, कक्षा-व्यवहार, विद्यालयीन वातावरण और शिक्षक के दायित्वों को बेहतर ढंग से समझते हैं।
डाइट रायपुर द्वारा भावी शिक्षकों को संवेदनशील, जिम्मेदार, दक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षक के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से निरंतर मार्गदर्शन और शाला निरीक्षण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। निरीक्षण दल का यह सतत प्रयास है कि हर प्रशिक्षणार्थी कक्षा में केवल पाठ न पढ़ाए, बल्कि बच्चों के भविष्य को दिशा देने वाला शिक्षक बने।







