भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक मैच देखने को मिला। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रन बनाए। इतने बड़े स्कोर के बावजूद भारतीय गेंदबाज लक्ष्य का बचाव नहीं कर सके। वेस्टइंडीज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 48.2 ओवर में 5 विकेट खोकर 352 रन बना लिए और मुकाबला पांच विकेट से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ कैरेबियाई टीम ने भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अपनी वापसी दर्ज की।
केएल राहुल के शतक ने भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया
भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम को संभालने की जिम्मेदारी मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर आ गई। रोहित शर्मा और रुतुराज गायकवाड़ ने पारी को स्थिरता दी, जबकि केएल राहुल ने अंत तक टिककर बल्लेबाजी की।
केएल राहुल ने 87 गेंदों पर नाबाद 129 रन बनाए। उनकी पारी में नौ चौके और तीन छक्के शामिल रहे। यह उनके वनडे करियर का नौवां शतक था। दूसरी ओर, रोहित शर्मा ने 92 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली और रुतुराज गायकवाड़ ने 57 रन बनाकर योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत 351 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा।
रोहित शर्मा ने अपने नाम किया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मैच के दौरान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे मुकाबले में दो रन बनाते ही उन्होंने बतौर ओपनर वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे कर लिए।
रोहित यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि उन्होंने केवल 202 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की और सचिन तेंदुलकर के 214 पारियों वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस सूची में सचिन तेंदुलकर, सनथ जयसूर्या और क्रिस गेल जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी शामिल हैं।
शाई होप की 162 रन की पारी ने भारत से छीनी जीत
352 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने दबाव के बावजूद धैर्य और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाया। कप्तान शाई होप ने मोर्चा संभालते हुए नाबाद 162 रन बनाए और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत तक पहुंचाया।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला कई सवाल छोड़ गया। बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन गेंदबाजी के दौरान टीम विपक्षी बल्लेबाजों पर जरूरी दबाव नहीं बना सकी। बड़े लक्ष्य के बावजूद वेस्टइंडीज ने लगातार रन बनाना जारी रखा और मुकाबले को अंतिम ओवरों से पहले ही अपने पक्ष में कर लिया।
भारत के लिए यह भी निराशाजनक रहा कि वनडे क्रिकेट में 350 या उससे अधिक रन बनाने के बावजूद टीम को तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। इससे साफ है कि आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट में केवल बड़ा स्कोर बनाना पर्याप्त नहीं है; डेथ ओवरों की गेंदबाजी, साझेदारियों को तोड़ना और दबाव के क्षणों में सही रणनीति अपनाना भी उतना ही जरूरी है।
सीरीज में भारत की जीत, लेकिन वेस्टइंडीज ने छोड़ी छाप
तीसरे वनडे में हार के बावजूद भारत ने शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की थी। हालांकि, अंतिम मैच में वेस्टइंडीज के प्रदर्शन ने यह दिखाया कि टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में सक्षम है और मजबूत भारतीय टीम को भी कड़ी चुनौती दे सकती है।
एक तरफ रोहित शर्मा का रिकॉर्ड और केएल राहुल का शतक भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धियां रहे, तो दूसरी तरफ शाई होप की कप्तानी पारी ने मुकाबले को यादगार बना दिया। इस मैच का सबसे बड़ा सबक यही रहा कि क्रिकेट में रिकॉर्ड और बड़े स्कोर अपनी जगह हैं, लेकिन अंतिम जीत उसी टीम की होती है जो दबाव में बेहतर प्रदर्शन करती है।
मैच का नतीजा: भारत — 351/7 (50 ओवर); वेस्टइंडीज — 352/5 (48.2 ओवर)। वेस्टइंडीज ने पांच विकेट से मुकाबला जीता।







