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देश में बाढ़ और बारिश का कहर: लखनऊ में 10 हजार लोगों ने छोड़े घर, बिहार में जनहानि; चार राज्यों से मानसून की विदाई

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उत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन प्रभावित, वहीं मानसून की वापसी के साथ कई इलाकों में बढ़ने लगी गर्मी और उमस। मौसम का मिजाज देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग तस्वीर पेश कर रहा है। एक ओर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं, तो दूसरी ओर कई राज्यों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई आगे बढ़ रही है।

लखनऊ में बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोग

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित राज्य के कई हिस्सों में हालिया भारी बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। दैनिक भास्कर की दी गई खबर के अनुसार, करीब 10 हजार लोगों के पलायन की बात सामने आई है।

सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों को प्रभावित किया था। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की 28 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में बारिश और बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ तथा राहत एवं बचाव अभियान चलाए गए।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और जलभराव की समस्या से निपटने की चुनौती है। प्रभावित परिवारों को बिजली, पेयजल, आवागमन और दैनिक जरूरतों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

बिहार में बाढ़ से मौतें, कई लोग अब भी लापता

बिहार में भी बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध समाचारों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मौत और लापता होने की घटनाएं सामने आई हैं। आपके साझा किए गए समाचार की हेडलाइन में 27 मौतों और 20 लोगों के लापता होने का उल्लेख है।
वहीं, 4 अक्टूबर को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र में बाढ़ का जलस्तर घटने के बाद पानी से 10 शव बरामद किए गए, जबकि 16 लोग लापता बताए गए। प्रभावित लोगों तक 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री पहुंचाने की जानकारी भी दी गई।

बिहार में बाढ़ से मौतें, कई लोग अब भी लापता
बिहार में भी बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध समाचारों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मौत और लापता होने की घटनाएं सामने आई हैं। आपके साझा किए गए समाचार की हेडलाइन में 27 मौतों और 20 लोगों के लापता होने का उल्लेख है।
वहीं, 4 अक्टूबर को प्रकाशित नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र में बाढ़ का जलस्तर घटने के बाद पानी से 10 शव बरामद किए गए, जबकि 16 लोग लापता बताए गए। प्रभावित लोगों तक 28 टन से अधिक खाद्य सामग्री पहुंचाने की जानकारी भी दी गई।

बाढ़ के बाद पानी उतरने पर कई जगहों पर नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आती है। प्रशासन और बचाव दलों के लिए लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों को सहायता तथा राहत सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता बनी हुई है।

चार राज्यों से मानसून की वापसी, मौसम में बदलाव के संकेत

देश के मौसम में अब मौसमी बदलाव भी दिखाई देने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अक्टूबर की शुरुआत में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी आगे बढ़ी है। 2 अक्टूबर की रिपोर्ट में राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में मानसून की वापसी के अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख किया गया था।
उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी 3 अक्टूबर को पूरी होने की जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में दी गई। इसके बाद दिन के तापमान और उमस में बढ़ोतरी, जबकि रात के समय अपेक्षाकृत ठंडक रहने की संभावना जताई गई।
हालांकि, मानसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों में बारिश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

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