खाड़ी देशों में जारी युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद एक बार फिर ग्लोबल इकोनॉमी में भारत का डंका बजा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक बेहद शानदार रिपोर्ट जारी की है। आईएमएफ ने 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट (India GDP Growth Rate) का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है। साथ ही FY27-28 के लिए भी अनुमान को बढ़ाकर 7% कर दिया है। इसका मतलब भारत की इकोनॉमी तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी।
बता दें कि बल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद भारतीय बाजार जिस तरह से मजबूती से खड़ा है, उसने दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों का ध्यान खींचा है। इसी का नतीजा है कि वर्ल्ड बैंक से लेकर ओईसीडी (OECD) जैसी बड़ी संस्थाएं भी भारत की इस रफ्तार का लोहा मान रही हैं। वर्ल्ड बैंक से लेकर ओईसीडी सभी ने अपनी रिपोर्ट में भारत की जीडीपी अनुमान को बढ़ा दिया है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को जारी अपनी लेटेस्ट ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में IMF ने कारोबारी साल 2028 के लिए भी ग्रोथ का अनुमान 30 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7% कर दिया है। IMF का कहना है कि मजबूत सर्विस सेक्टर और घरेलू मांग के दम पर भारत की इकोनॉमी उम्मीद से तेज दौड़ रही ह। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि भारत की इस तरक्की की वजह कोई बाहरी कारक नहीं, बल्कि उसकी खुद की डेमोग्राफिक स्थिति है. जिस तरह से घरेलू बाजार में मांग बढ़ रही और लगातार स्ट्रक्चरल सुधार हो रहे हैं, भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
आईएमएफ की अक्टूबर 2026 की ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक’ रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत सबसे अलग चमक रहा है। जुलाई में जो अनुमान 6.4 प्रतिशत था, उसे 0.6 फीसदी बढ़ा दिया गया है। अगर अप्रैल के अनुमान से तुलना करें तो इसमें 0.5 प्रतिशत का उछाल आया है। इसके साथ ही 2027 के लिए भी ग्रोथ रेट का अनुमान 7 प्रतिशत रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के अंदर चीजों की जबरदस्त डिमांड तथा सर्विस सेक्टर की शानदार परफॉर्मेंस ने इस ग्रोथ को मुमकिन बनाया है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में पैसा घूम रहा है।
वहीं दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन इस वक्त मुश्किल दौर से गुजर रही है। आईएमएफ के मुताबिक, 2026 में चीन की ग्रोथ गिरकर 4.5 प्रतिशत पर आ जाएगी। 2027 में ये आंकड़ा 4 प्रतिशत तक लुढ़कने का अनुमान है। लंबे समय से चल रही अनिश्चितता ने चीन के बाजार को प्रभावित किया है। सिर्फ चीन ही नहीं, ग्लोबल ग्रोथ भी 2026 में 3.1 प्रतिशत तथा 2027 में 3.4 प्रतिशत पर सिमटने वाली है।