-वन विभाग द्वारा निर्मित तालाब पर बॉक्साइट खनन का मलबा जमा होने का दावा, हिंडाल्को प्रबंधन को शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
युसूफ खान/कुसमी, बलरामपुर।
सामरी और डूमरखोली मोड़ के बीच संचालित हिंडाल्को की बॉक्साइट खदान के समीप स्थित वन विभाग द्वारा निर्मित तालाब में मिट्टी भरने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के अनुसार, खनन कार्य के दौरान तालाब में मिट्टी जमा हो रही है, जिससे आसपास के गांवों के गाय-बछड़ों के लिए पेयजल की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है।
बताया जा रहा है कि उक्त तालाब का निर्माण वन विभाग द्वारा कराया गया था। आसपास विचरण करने वाले मवेशी इसी तालाब का पानी पीते हैं। ऐसे में यदि तालाब में लगातार मिट्टी भरती रही, तो उसकी जल संग्रहण क्षमता प्रभावित हो सकती है और गर्मी के दिनों में पशुओं के सामने पानी का संकट खड़ा हो सकता है।
जीएम को फोन पर दी गई जानकारी, कार्रवाई का इंतजार
इस मामले को लेकर संबंधित व्यक्ति का कहना है कि हिंडाल्को प्रबंधन के जीएम को दो-तीन बार फोन के माध्यम से तालाब में मिट्टी भरने की जानकारी दी गई थी। शिकायत के दौरान तालाब में मिट्टी नहीं भरने देने का आग्रह भी किया गया। आरोप है कि जीएम द्वारा मामले को दिखवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक मौके पर समस्या का समाधान दिखाई नहीं दे रहा है।
तालाब की सुरक्षा और जांच की मांग
स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि जब तालाब का निर्माण वन विभाग द्वारा मवेशियों के लिए जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है, तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है। आरोप है कि हिंडाल्को प्रबंधन द्वारा तालाब के निर्माण में योगदान देने के बजाय खनन कार्य के दौरान उसमें मिट्टी भरने की स्थिति बन रही है।
मवेशियों के लिए पानी का यह स्रोत सुरक्षित रहे, इसके लिए संबंधित वन विभाग और जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने, तालाब में मिट्टी भरने की स्थिति का निरीक्षण करने तथा आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और हिंडाल्को प्रबंधन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और तालाब को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाते हैं।







