बिलासपुर संवाददाता – रेशमा लहरे
बिलासपुर, 13 अक्टूबर 2026 — सिंधी कॉलोनी, जरहाभाठा स्थित धन गुरु नानक दरबार साहिब में गुरु भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच 5 श्री जपजी साहिब जी का अखंड चालीहा पाठ 12 अक्टूबर 2026 की रात्रि 9 बजे आरंभ हो गया है। उल्हासनगर स्थित बाबा थाहिरिया सिंह दरबार के प्रमुख बाबा जसकीरत सिंह साहिब जी एवं बाबा त्रिलोचन सिंह साहेब जी की विशेष उपस्थिति में साध-संगत ने गुरु चरणों में शीश नवाकर इस पावन आयोजन का शुभारंभ किया।
भव्य स्वागत और जयकारों से गूंजा दरबार
बाबा जसकीरत सिंह साहिब जी एवं बाबा त्रिलोचन सिंह जी के दरबार साहिब पहुंचने पर साध-संगत ने पुष्प वर्षा और फूलों की मालाएं पहनाकर उनका भावपूर्ण स्वागत किया। इस दौरान पूरा दरबार साहिब ‘वाहे गुरु’ के जयकारों से गूंज उठा। बाबाजी ने संगत को दर्शन देकर आशीर्वाद और लख-लख बधाइयां दीं।
40 दिनों तक निरंतर चलेगा पाठ
दरबार साहिब में 5 श्री जपजी साहिब जी का अखंड पाठ हिंदी में 24 घंटे निरंतर 40 दिनों तक चलेगा। इस पावन पाठ का समापन 24 नवंबर 2026 को गुरुपर्व के अवसर पर भोग साहिब के साथ होगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन अमृतवेले सुखमणि साहिब का पाठ भी किया जाएगा, जिससे दरबार साहिब का वातावरण गुरबाणी और प्रभु सिमरन से सराबोर रहेगा।
महान कीर्तन दरबार और अटूट लंगर
पाठ साहिब के शुभारंभ अवसर पर आयोजित महान कीर्तन दरबार में दिल्ली से पहुंचे भाई साहब जसपाल सिंह जी ने मधुर शब्द-कीर्तन प्रस्तुत कर साध-संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में बाबा जसकीरत सिंह साहिब जी ने विश्व कल्याण, सुख-शांति और सर्वजन की खुशहाली के लिए अरदास की। इसके पश्चात उपस्थित साध-संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर बरताया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विशेष अपील और सेवादारों का योगदान
प्रबंध व्यवस्था से जुड़े डॉ. हेमंत कलवानी ने बताया कि इन 40 दिनों में साध-संगत को गुरु घर में हाजिरी लगाकर सेवा-सिमरन करने का विशेष अवसर मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस पावन
आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।
इस आयोजन को सफल बनाने में भाई साहब मूलचंद नारवानी, सुरेश वाधवानी, सोनू लालचंदनी, कंचन सुरेश वाधवानी, डॉ. हुदल दास सोमनानी, डॉ. सोनम कलवानी सहित समस्त सेवादारों का सराहनीय सहयोग रहा। साथ ही, मीडिया से विजय दुसेजा, प्रीति वाधवा और गोविंद दुसेजा ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम को कवर किया।







