संवाददाता – लक्ष्मीनारायण लहरे
सारंगढ़ । कोसीर मुख्यालय के ग्राम बटाऊपाली( अ )में नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर रविवार को सुरताल संगीत महोत्सव के रात्रिकालीन भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, भाव संगीत, भक्ति संगीत, तबला वादन, सितार वादन एवं कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर आमंत्रित कलाकारों के साथ मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, रानीसागर सारंगढ़ के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी कला एवं संगीत साधना का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं प्राचार्य श्री लीलाधर वैष्णव ने सामूहिक रूप से सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके पश्चात संगीत की विभिन्न विधाओं पर आधारित कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
कथक नृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम में आमंत्रित राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना यामी वैष्णव, ने कथक नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी। उन्होंने रायगढ़ घराने के पारंपरिक कथक बोलों को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी प्रस्तुति में कथक की लयकारी, भाव-भंगिमाओं एवं नृत्य की बारीकियों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

कथक नृत्य में तबले पर रुद्र वैष्णव,पढ़ंत में प्रीति वैष्णव तथा हारमोनियम पर प्राचार्य लीलाधर वैष्णव ने संगत की। इसके अतिरिक्त आमंत्रित कलाकार देवप्रसाद पाटले ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया।
तबला, शास्त्रीय गायन एवं सितार वादन की प्रस्तुतियां
संगीत महोत्सव में सामूहिक तबला वादन के अंतर्गत अमरदीप कुर्रे, मुकुंद दास महंत एवं उत्तम बरेठ ने अपनी प्रस्तुति दी। उनके साथ हारमोनियम पर जसपाल रत्नाकर ने संगत की। शास्त्रीय गायन में संगीत प्रवीण मायाराम बघेल जी ने अपनी सुमधुर प्रस्तुति दी, जिसमें बजरंग चौहान ने तबले पर संगत की।

सितार वादन में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य श्री लीलाधर वैष्णव ने रागों की परंपरा के अनुरूप मसीतखानी एवं रजाखानी गत प्रस्तुत की। इसके पश्चात राग पीलू पर आधारित लाइट म्यूजिक की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संगीत का एक अलग रंग भर दिया।
कार्यक्रम में देवेश वैष्णव, उत्तम बरेठ, मुकुंद दास महंत, जसपाल रत्नाकर, कृषि टंडन, रथराम पटेल, श्रुति वैष्णव एवं प्रकाश केवट सहित अन्य कलाकारों ने शास्त्रीय गायन एवं भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को भावविभोर किया।
छात्र-छात्राओं ने दिखाई अपनी प्रतिभा
मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, रानीसागर सारंगढ़ के छात्र-छात्राओं ने भी शास्त्रीय गायन, भाव संगीत, तबला वादन एवं कथक नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने अपनी नियमित साधना, प्रशिक्षण एवं कलात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े दयाराम खुराना , जनपद सदस्य प्रतिनिधि भैरव नाथ जाटवर तथा वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीनारायण लहरे सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगीत प्रवीण श्री मायाराम बघेल, मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय रानीसागर सारंगढ़ के प्राचार्य श्री लीलाधर वैष्णव, मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय शाखा रायगढ़ के उपप्राचार्य श्री रुद्र वैष्णव तथा राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना एवं प्रशिक्षक प्रीति वैष्णव सहित अन्य कलाकारों की उपस्थिति रही। श्री बजरंग चौहान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
आयोजकों एवं सहयोगियों का योगदान
इस संगीत महोत्सव का आयोजन डॉ. गंगाराम रत्नाकर एवं श्रीमती मीना रत्नाकर, बटाऊपाली के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छत्रपाल रत्नाकर, श्रीमती नीता रत्नाकर, वरुण देव, बलराज साहू, हर्षद जांगड़े, प्रद्युम्न कुमार चंद्रा, सोनिया रत्नाकर, चंद्रिका रत्नाकर एवं प्रियंका जटवार सहित अन्य सहयोगियों का योगदान रहा।
कार्यक्रम का मंच संचालन दरिकांत रात्रे ने किया। संगीत, नृत्य एवं सुरों से सजी इस संध्या में कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं सांस्कृतिक परंपराओं की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत किया। सुरताल संगीत महोत्सव ने नवरात्रि पर्व के उल्लास के बीच संगीत एवं कला के प्रति लोगों की रुचि को प्रोत्साहित करने का सराहनीय प्रयास किया।







