होर्मुज स्ट्रेट में 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर हमला हुआ है। पनामा के झंडे वाले जहाज MT LOUISE 1 पर दो सी माइंस से हमला हुआ। हमले के कारण तेल टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई। गनीमत रही कि सभी नाविक सुरक्षित हैं। जहाज पर मौजूद कर्मचारियों ने आग बुझा दी है। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और समुद्र में तेल भी नहीं फैला। इसके बाद टैंकर ने फिर से अपना सफर शुरू कर दिया है।
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक यह हमला ओमान के खासाब शहर से 46 किमी उत्तर-पूर्व में हुआ। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में लिम्पेट माइंस से हमला करने की यह पहली सफल घटना है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक इस इलाके में लिम्पेट माइंस का इस्तेमाल पहली बार 2017 में हुआ था। इसके बाद भी कई बार इस रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों को निशाना बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया गया। ग्रीस की समुद्री सुरक्षा कंपनी मेरिस्क्स ने बताया कि ये माइंस सस्ती हैं और आसानी से मिल जाती हैं। कंपनी के मुताबिक, छोटी नाव से गुजरते जहाज पर ऐसी माइंस लगाना आसान, कम खर्चीला और असरदार तरीका है। ये ऐसी सी माइंस होती हैं, जिन्हें जहाज के बाहरी हिस्से से चिपकाया जाता है।
हमले पर केंद्रीय बंदरगाह जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सरकार हालात पर नजर रख रही है। जहाज चलाने वाली कंपनियों से लगातार संपर्क में है, ताकि भारतीय कर्मचारियों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
इस घटना से एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले बड़े तेल टैंकर MT ARZANAH पर भी हमला हुआ था। इस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे। उस पर किसी चीज से हमला किया गया था। फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले बढ़े हैं।