यूएस मिडटर्म इलेक्शन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों हाउस और सीनेट में बहुमत हासिल किया है। यूएस मिडटर्म इलेक्शन में ट्रंप की हार के बाद अमेरिकी बाजर से लेकर रिपब्लिकन पार्टी में बवाल मच गया है। चुनाव में हार के बाद एलन मस्क ने भी डोनाल्ड ट्रंप से मुंह मोड़ लिया है। अरबपति एलन मस्क ने चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में किए गए सभी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दिया है। वहीं मस्क का नेटवर्थ भी ₹2 लाख करोड़ घट गया है।
बता दें कि मस्क ने चुनाव के दौरान रिपब्लिकन उम्मीदवारों के प्रचार पर कम से कम 458 मिलियन डॉलर यानी करीब 4400 करोड़ रुपए खर्च किए थे। भारीभरम खर्च करने के बाद भी मस्क अपने साथी ट्रंप को हारने से नहीं बचा पाए। चुनाव में ट्रंप को मिली हार के बाद मस्क की संपत्ति में भी बड़ी गिरावट आई है। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुमान के मुताबिक, उनकी नेटवर्थ करीब 2.8 लाख करोड़ रुपए घट गई है।
रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन से पहला बड़ा इस्तीफा हुआ है। भारतीय मूल की हरमीत कौर ढिल्लों ने अमेरिकी न्याय विभाग के सिविल राइट्स डिवीजन के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने गुरुवार को उनके इस्तीफे की पुष्टि की और उनके काम की तारीफ की। हालांकि, हरमीत ने साफ किया कि उन्होंने खुद पद छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने इस्तीफे की कोई खास वजह नहीं बताई। हरमीत ने बताया कि वह पहले ही पद छोड़ने का फैसला कर चुकी थीं, लेकिन व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स के कहने पर उन्होंने चुनाव नतीजे आने तक इस्तीफे का ऐलान टाल दिया था।
अमेरिका में चुनाव के नतीजे आने के बाद अमेरिकी शेयर बाजार डूब गया है। अमेरिका में शेयर बाजार डूबने का जिम्मेदार ट्रंप ने डेमोक्रेट पार्टी को ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके विपक्षी पार्टी पर ठीकरा फोड़ा है। डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा, “चुनाव के नतीजों की वजह से शेयर बाजार ने इतिहास के सबसे बुरे दिनों में से एक का सामना किया है. यह देखना बहुत दुखद है।
यूएस मिडटर्म चुनाव परिणाम के बाद गुरुवार की रात अमेरिकी शेयर बाजार (US stock market) के लिए 19 महीने का सबसे बुरा दिन रहा, क्योंकि AI रेगुलेशन की डर से अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। S&P500 इंडेक्स झटके में 3.77 फीसदी या 290 अंक टूट गया। जबकि डॉऊ जोन्स में 3 फीसदी या 1600 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। नैस्डैक 5.52% गिरकर 24,315.00 पॉइंट्स पर आ गया। इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों के 2.9 ट्रिलियन डॉलर या करीब 270 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गया। एनविडिया के शेयर 9 फीसदी तक टूट गए। माइक्रॉन टेक के शेयरों में 17 फीसदी की गिरावट आई। सेमीकंडक्टर ईटीएफ में 70 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।