रायपुर-
छत्तीसगढ़ में हुए 2,161 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू और एसीबी की जांच लगातार नए राज़ खोल रही है। स्पेशल कोर्ट में दाखिल पूरक चालान में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर आरोप है कि उन्होंने अवैध शराब से कमाई गई मोटी रकम को अपने रिश्तेदारों, करीबियों और सहयोगियों पर खुलकर खर्च किया।
CG Liquor Scam मामले में ईडी, आयकर विभाग और एंटी करप्शन कोर्ट में पूरक चालान पेश किया गया है। इस चालान में घोटाले की रकम से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी मंत्री कवासी लखमा ने इस घोटाले की रकम को विभिन्न संपत्तियों और विदेश यात्रा में निवेश किया। इसके अलावा, भारी मात्रा में अलग-अलग प्रकार की संपत्तियों में भी पैसे लगाए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस घोटाले में राज्य के 29 से अधिक आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत है। इन पर 5 जुलाई को कोर्ट में पांचवीं चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
एनएसयूआइ के पूर्व अध्यक्ष को दिए चार करोड़
हलीम खान को लखमा ने चार करोड़ रुपये नकद दिए थे। जो दंतेवाड़ा NSUI के पूर्व अध्यक्ष थे। इनमें से 1.5 करोड़ हैदराबाद के ‘रेड्डी’ को दिया गया था । 80 लाख रुपये के गहने लिए गएऔर रायपुर की सेल टैक्स कालोनी में मकान खरीदा। साथ ही साथ 12 लाख अपनी महिला मित्र को , पौने तीन लाख का आइफोन और 76 लाख अनिल मिश्रा के पास सुरक्षित रखवाए।
हवाई यात्रा पर किए लाखों ख़र्च
कवासी लखमा ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों के लिए ट्रैवल एजेंट्स के माध्यम से करीब 42 लाख रुपये की हवाई यात्रा कराई। अधिकतर भुगतान नकद में किया गया।
महुआ में किया डेढ़ करोड़ का निवेश
वर्ष 2020 में महुआ की बढ़ती कीमतों को देखते हुए अपने करीबी व्यापारी जयदीप भदौरिया तोंगपाल निवासी को एक करोड़ रुपये दिए । बाद में उन्होंने खुद भी डेढ़ करोड़ रुपये महुआ संग्रहण में निवेश किए।
44 संपत्तियां 6 करीबियों से प्राप्त हुई
- पारसमल जैन, सुकमा – 03 प्रापर्टी पेपर
- राजेश नारा, सुकमा – 02 प्रापर्टी पेपर
- बसीर अहमद, सुकमा – 07 प्रापर्टी पेपर
- जी. नागेश, रायपुर – 11 प्रापर्टी पेपर
- राजकुमार तामो, दंतेवाड़ा – 07 प्रापर्टी पेपर
- अशोक अग्रवाल, अंबिकापुर – 14 प्रापर्टी पेपर
सबसे अधिक प्रोपर्टी अशोक अग्रवाल से प्राप्त हुई ।
29 आबकारी अधिकारी आरोपी
ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच में 29 अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।वर्ष 2019 से 2023 के बीच हर जिले में शराब सिंडिकेट के माध्यम से आबकारी अधिकारियों को प्रति पेटी शराब पर 150 रुपये का कमीशन दिया जाता था। जिनमें 12 अधिकारी रिटायर्ड हो चुके हैं , 16 वर्तमान में कार्यरत हैं तथा एक की मृत्यु हो चुकी है। इनके खिलाफ़ 5 जुलाई को कोर्ट में चार्जशीट जारी किया गया है। अधिकारियों को नोटिस भेजा गया है, लेकिन कई अधिकारी नोटिस लेने से इनकार कर चुके हैं या मोबाइल बंद कर गायब हैं।
कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है
शराब घोटाले में अब तक अरुणपति त्रिपाठी, अनवर ढेबर, अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह, दीपक दुआरी, अनिल टुटेजा, कवासी लखमा, विजय भाटिया समेत 12 से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं।







