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स्कूल प्रबंधकों एवं प्राचार्यों की “सुरक्षित विद्यालय ; सुरक्षित समाज” विषय पर आयोजित हुई कार्यशाला ; पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) ने सुरक्षात्मक उपाय के दिए टिप्स

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जांजगीर-चांपा संवाददाता – निलेश सिंह

नए शिक्षण सत्र के शुरुआत में ही छात्र छात्राओं के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सजग विद्यालय सजग समाज विषय पर पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा विजय कुमार पाण्डेय द्वारा जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय शिक्षण संस्थान स्कूलों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधियों की कार्यशाला जिला पंचायत जांजगीर के ऑटो टोरियम हाल में किया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा द्वारा प्राचार्य एवं प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए समझाइश दिया गया कि यातायात के प्रति जागरूक होने और सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए आवश्यक है कि स्टॉफ टीचर एवं स्टूडेंट्स के लिए हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग, अनिवार्य रूप से करें, स्कूली बसों/वैन की गति सीमा नियंत्रित हो, ज़्यादातर दुर्घटनाएं लापरवाही से होती हैं इसलिए सावधानी ही सुरक्षा है, सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों की जानकारी छात्रों को नियमित रूप से दी जाए। स्कूली बसों की तकनीकी और यांत्रिक जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए, ड्राइवर और कंडक्टर का चरित्र सत्यापन कराया।

बसों और प्राइवेट वैन में CCTV कैमरे अनिवार्य रुप से लगवाया जाए। सुरक्षा के लिए अपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों को नियुक्त ना करें, हर कर्मचारी का चरित्र सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रुप से कराया जाए, हर कर्मचारी स्वयं का अपराधिक रिकॉर्ड ना होने का शपथ पत्र देने बताया गया। पालक-शिक्षक संवाद (PTM) नियमित रूप से आयोजित किया जावे , बसों/वैनों की जानकारी, ड्राइवर का नंबर, रूट की सूचना पालकों को दी जाए, सूचना संप्रेषण में पारदर्शिता व तत्परता आवश्यक है। महिला स्टॉफ एवं छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाए, इसके लिए स्कूल में महिला नोडल अधिकारी नियुक्त हों, स्कूलों में शिकायत पेटी लगाई जाए – उसकी चाबी महिला पुलिस रक्षा टीम के पास होगी।

कक्षा 1 से छात्रों को गुड टच-बैड टच के बारे में जानकारी देना आवश्यक इस हेतु प्रशिक्षित महिला शिक्षिकाएं और पुलिस कर्मी समय-समय पर सेशन लें,बच्चों को सिखाया जाए कि असहज महसूस होने पर तुरंत किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। नशा मुक्ति और ड्रग अवेयरनेस के तहत छात्रों में नशे की आदत की रोकथाम के लिए काउंसलिंग कराई जाए, स्कूल परिसर के आस- पास संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्कता एवं पुलिस को जानकारी दें। साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के प्रति छात्र-छात्राओं को सतर्क रखें, अजनबी से चैट, फोटो शेयरिंग, गेमिंग में सावधानी बरती जाए, बच्चों को Online Privacy और Cyber bullying से बचाव की जानकारी दें, इस हेतु साइबर हेल्पलाइन: 1930, शिकायत पोर्टल: (https://cybercrime.gov.in) का उपयोग किया जाए।

प्रत्येक स्कूलों में सुरक्षा समिति गठित हो। सुरक्षा संवाद और अवेयरनेस सेशन हर माह आयोजित किया जाए। कार्यशाला ने स्कूलों में छात्र छात्राओं की सुरक्षा को रेखांकित किया । उक्त कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर श्री उमेश कुमार कश्यप, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री यातायात उदयन बेहार, CSP जांजगीर श्रीमति कविता ठाकुर, DSP सत्यकला रामटेके, जिला शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण एवं जिले के लगभग 300 शासकीय अशासकीय स्कूलों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

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